बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ, वाहन फंस गए और कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ी। लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत और जल निकासी अभियान तेज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार से लगातार बारिश के कारण बैंकॉक के कई हिस्सों में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। कुछ क्षेत्रों में बारिश की कुल मात्रा 30 सेंटीमीटर से अधिक दर्ज की गई। शहर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में जलभराव का असर विशेष रूप से दिखाई दिया, जहां कई सड़कें पानी में डूब गईं और वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कुछ प्रमुख मार्गों पर कारें पानी में फंसी नजर आईं, जबकि कई मोटरसाइकिल चालकों को अपने वाहन धकेलकर आगे बढ़ना पड़ा। बाढ़ के कारण कुछ बस सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैंकॉक प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन प्रतिक्रिया बढ़ाई। शहर के अलग-अलग हिस्सों में राहत केंद्र तैयार किए गए हैं और प्रभावित लोगों को वहां पहुंचाया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 900 लोग अस्थायी आश्रय केंद्रों में पहुंच चुके थे। प्रशासन ने नहरों और जल निकासी व्यवस्था के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने तथा जरूरी सामान को ऊंची जगहों पर रखने की सलाह दी है। बैंकॉक में जल निकासी व्यवस्था के लिए नहरों और पंपिंग सिस्टम की बड़ी भूमिका है। लेकिन लगातार बारिश के कारण कई नहरें अपनी क्षमता के करीब पहुंच गईं, जिससे सड़कों और निचले इलाकों से पानी निकालना मुश्किल हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई पंप लगातार चलाए जा रहे हैं और अतिरिक्त जल को बड़े जल-संग्रह क्षेत्रों की तरफ मोड़ने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने नालों और जलमार्गों में मौजूद कचरे तथा अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। बाढ़ के कारण बैंकॉक के कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन ने कुछ जलमग्न सड़कों पर छोटे वाहनों को जाने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि अधिक पानी में वाहन बंद होने या नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ जाता है। कई प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और यात्रा से पहले सड़क तथा मौसम की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। थाई मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। बैंकॉक और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली तथा मानसूनी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने भारी बारिश से अचानक बाढ़, जलभराव और कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थितियों का खतरा भी बताया है। बाढ़ का असर केवल बैंकॉक तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार थाईलैंड के कई अन्य प्रांतों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। देशभर में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और प्रशासन की ओर से मोबाइल फोन के जरिए आपात चेतावनियां भी भेजी गई हैं। बैंकॉक में सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद हवाई यातायात सामान्य रूप से संचालित होने की जानकारी दी गई है। हालांकि खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानों में देरी की संभावना बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बारिश कम होने के बाद जलभराव धीरे-धीरे घट सकता है, लेकिन बड़ी मात्रा में जमा पानी को पूरी तरह निकालने में समय लग सकता है। शहर की नहरों, पंपिंग स्टेशनों और जल-संग्रह क्षेत्रों के जरिए पानी को तेजी से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलमग्न सड़कों पर वाहन नहीं ले जाने और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों का पालन करने को कहा है। विशेष रूप से नहरों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी का स्तर बढ़ने पर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी गई है। बैंकॉक में सितंबर के अंत में हुई लगातार भारी बारिश ने शहर की यातायात और जल निकासी व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सड़कें जलमग्न होने और नहरों के भर जाने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, जबकि प्रशासन राहत, निकासी और जल प्रबंधन के काम में जुटा है। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है, इसलिए आने वाले समय में जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।कई इलाकों में जलभराव की स्थिति
प्रशासन ने आपदा प्रतिक्रिया बढ़ाई
नहरों में बढ़ा पानी, ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव
छोटे वाहनों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने आगे भी बारिश का अनुमान जताया
देश के दूसरे हिस्से भी प्रभावित
हवाई सेवाएं जारी, लेकिन देरी की आशंका
बारिश थमने के बाद भी पानी निकालने में लग सकता है समय
आम लोगों के लिए प्रशासन की अपील
निष्कर्ष
बैंकॉक में लगातार बारिश से बाढ़ का संकट, सड़कें डूबीं और सैकड़ों लोगों ने लिया सुरक्षित ठिकानों का सहारा






