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T. rex कैसे चलता था? 6.65 करोड़ साल पुराने पैरों के निशानों से मिला नया सुराग


 दुनिया के सबसे चर्चित शिकारी डायनासोर Tyrannosaurus rex यानी T. rex की चाल को लेकर वैज्ञानिकों को नया सुराग मिला है। अमेरिका के नॉर्थ डकोटा में लगभग 6.65 करोड़ वर्ष पुराने चार लगातार पैरों के निशान मिले हैं। इन निशानों का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह एक वयस्क T. rex का ट्रैकवे हो सकता है, जिससे उसके चलने की गति और शरीर की चाल को समझने का दुर्लभ अवसर मिला है।

पहली बार मिले जुड़े हुए पदचिह्न

यह खोज नॉर्थ डकोटा के Hell Creek Formation में हुई। करीब 7 मीटर लंबे ट्रैकवे में चार बड़े तीन-उंगलियों वाले पदचिह्न शामिल हैं। इनमें दो बाएं पैर और दो दाएं पैर के निशान हैं।

हर पदचिह्न लगभग एक मीटर लंबा है। शोधकर्ताओं ने इन निशानों के आकार, आकृति, उंगलियों की बनावट और उनके बीच की दूरी की तुलना T. rex तथा अन्य बड़े थेरोपोड डायनासोरों के ज्ञात जीवाश्मों और ट्रैकवे से की। इन विशेषताओं के आधार पर उन्होंने वयस्क T. rex को सबसे संभावित ट्रैकमेकर माना है।

6.65 करोड़ साल पहले का है ट्रैकवे

वैज्ञानिकों के अनुसार ये पैरों के निशान लगभग 66.5 million years, यानी करीब 6.65 करोड़ वर्ष पुराने हैं। उस समय पृथ्वी पर डायनासोरों का अंतिम दौर चल रहा था और T. rex उत्तरी अमेरिका के पारिस्थितिक तंत्र में शीर्ष शिकारी जीवों में शामिल था।

ट्रैकवे Hell Creek Formation की उन चट्टानों में मिला है, जहां T. rex के कंकाल और शरीर के अन्य जीवाश्म भी पहले मिल चुके हैं। आसपास T. rex के जीवाश्म मिलने का तथ्य भी शोधकर्ताओं के लिए पदचिह्नों की पहचान में एक अतिरिक्त संदर्भ प्रदान करता है।

करीब 1.5 से 2 मीटर प्रति सेकंड की चाल

पदचिह्नों के बीच की दूरी और पैरों के आकार का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने डायनासोर की अनुमानित गति निकाली। अध्ययन के अनुसार, इसकी चलने की गति लगभग 1.5 से 2 मीटर प्रति सेकंड हो सकती थी।

यह करीब 5.4 से 7.2 किलोमीटर प्रति घंटे के बराबर है। यानी यह अनुमान एक तेज इंसानी पैदल चाल के आसपास बैठता है। हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अनुमान है, क्योंकि ट्रैकवे छोटा है और कई निशान समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

क्या T. rex दौड़ रहा था?

इस खोज से यह साबित नहीं होता कि T. rex दौड़ रहा था। इसके उलट, वैज्ञानिकों ने इन निशानों के आधार पर इसे चलने की गति के अनुरूप माना है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक करीब चार मीटर की स्ट्राइड और पदचिह्नों के आकार से जो गणना निकलती है, वह धीमी से सामान्य चलने की गति से मेल खाती है। इसलिए यह ट्रैकवे T. rex के रोजमर्रा के चलने के व्यवहार को समझने में ज्यादा उपयोगी है, न कि उसकी अधिकतम दौड़ने की क्षमता तय करने में।

पैरों के निशान हड्डियों से अलग जानकारी देते हैं

डायनासोर के जीवाश्मों से वैज्ञानिकों को उसके शरीर की संरचना, आकार और हड्डियों के बारे में जानकारी मिलती है। लेकिन पैरों के निशान एक अलग तरह का सबूत देते हैं।

एक ट्रैकवे यह संकेत दे सकता है कि जानवर किस दिशा में बढ़ रहा था, उसके कदमों के बीच कितनी दूरी थी और वह उस समय किस तरह आगे बढ़ रहा था। इसी कारण वैज्ञानिकों के लिए T. rex के लगातार चार पदचिह्न विशेष महत्व रखते हैं।

पदचिह्नों की पहचान में सावधानी भी जरूरी

वैज्ञानिकों ने T. rex को सबसे संभावित ट्रैकमेकर बताया है, लेकिन शोधपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जीवाश्म पदचिह्नों की पहचान हमेशा आसान नहीं होती। कई तीन-उंगलियों वाले डायनासोरों के पैरों की सामान्य संरचना एक-दूसरे से मिल सकती है।

इस मामले में पदचिह्नों का असाधारण बड़ा आकार, उनकी तीन-उंगली वाली आकृति, आसपास T. rex के जीवाश्मों की मौजूदगी और ट्रैकवे की अन्य विशेषताएं मिलकर वयस्क T. rex की पहचान को मजबूत करती हैं।

आधुनिक 3D तकनीक से किया गया अध्ययन

शोधकर्ताओं ने इन निशानों को हाई-रिजॉल्यूशन 3D स्कैनिंग तकनीक से रिकॉर्ड किया। इससे पदचिह्नों और पूरे ट्रैकवे के डिजिटल मॉडल तैयार किए गए।

इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिक कंप्यूटर पर निशानों का विस्तृत विश्लेषण कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके 3D मॉडल या प्रतिकृतियां भी तैयार कर सकते हैं। इस तरह खराब मौसम या क्षरण से प्रभावित जीवाश्म सतहों का अध्ययन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है।

आगे और निशान मिलने की उम्मीद

मौजूदा ट्रैकवे केवल करीब सात मीटर लंबा है और इसके आसपास चट्टानों की मोटी परत मौजूद है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे खुदाई या संरक्षण कार्य के दौरान ट्रैकवे के और हिस्से सामने आ सकते हैं।

शोध टीम के अनुसार, तीन पदचिह्नों को भविष्य में सुरक्षित तरीके से निकालकर Denver Museum of Nature & Science में ले जाने की योजना है। इससे वैज्ञानिक उन्हें और विस्तार से संरक्षित तथा अध्ययन कर सकेंगे।

T. rex की चाल को समझने में क्यों अहम है यह खोज?

T. rex के बारे में अब तक ज्यादातर जानकारी कंकालों और अलग-अलग पदचिह्नों से मिली है। लेकिन लगातार बने हुए चार पदचिह्न किसी जीव की गतिविधि का ज्यादा प्रत्यक्ष रिकॉर्ड देते हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह वयस्क T. rex से जुड़ा पहला वर्णित ट्रैकवे है। इसलिए यह खोज इस विशाल शिकारी के चलने के तरीके और उसके व्यवहार को समझने के लिए एक नया वैज्ञानिक डेटा-पॉइंट उपलब्ध कराती है।

निष्कर्ष

नॉर्थ डकोटा में मिला करीब 6.65 करोड़ वर्ष पुराना, चार पदचिह्नों वाला ट्रैकवे T. rex की चाल को समझने का दुर्लभ मौका देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह किसी वयस्क T. rex का बनाया हुआ होने की सबसे संभावित व्याख्या है और इसकी अनुमानित चलने की गति 1.5–2 मीटर प्रति सेकंड रही होगी। हालांकि यह अंतिम गति-माप नहीं, बल्कि उपलब्ध पदचिह्नों के आधार पर निकाला गया वैज्ञानिक अनुमान है।

कॉपीराइट नोट: यह समाचार उपलब्ध वैज्ञानिक शोध के तथ्यों को आधार बनाकर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार किया गया है। किसी स्रोत की खबर को लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। मूल शोध के फोटो, 3D मॉडल या अन्य विजुअल सामग्री इस्तेमाल करने से पहले उनके अधिकारों की जांच आवश्यक है।