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वैश्विक शिपिंग रजिस्ट्रियों में बड़ा बदलाव, पनामा तीसरे स्थान पर पहुंचा


नई दिल्ली। दुनिया के समुद्री कारोबार से जुड़ी एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। कभी वैश्विक जहाज रजिस्ट्रियों में लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर रहने वाला पनामा अब सकल टन भार के आधार पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। नई रैंकिंग में लाइबेरिया सबसे आगे है, जबकि मार्शल आइलैंड्स ने पनामा को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह बदलाव वैश्विक शिपिंग उद्योग में रजिस्ट्रियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और जहाजों के झंडे बदलने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

लाइबेरिया सबसे आगे

Clarksons Research के 2026 World Fleet Register के अनुसार, लाइबेरिया के रजिस्टर्ड बेड़े का सकल टन भार करीब 314.6 मिलियन GT है। इस आंकड़े के साथ वह वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर बना हुआ है।

वहीं मार्शल आइलैंड्स का बेड़ा लगभग 209.4 मिलियन GT तक पहुंच गया है और उसने दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। पनामा के बेड़े का सकल टन भार करीब 202.1 मिलियन GT दर्ज किया गया है। इस आधार पर पनामा तीसरे स्थान पर है।

जहाजों की संख्या में तस्वीर अलग

दिलचस्प बात यह है कि केवल जहाजों की संख्या देखी जाए तो पनामा अभी भी मजबूत स्थिति में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पनामा के झंडे के तहत करीब 7,677 जहाज पंजीकृत हैं।

इसके मुकाबले लाइबेरिया के पास लगभग 6,138 और मार्शल आइलैंड्स के पास करीब 4,732 जहाज हैं। इसका मतलब है कि पनामा के पास जहाजों की संख्या अधिक होने के बावजूद उनके कुल सकल टन भार के मामले में वह पीछे चला गया है।

पनामा के बेड़े में कितनी कमी आई?

Clarksons के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के अंत में पनामा-फ्लैग वाले बेड़े का टन भार करीब 230.5 मिलियन GT था। अगस्त 2026 तक यह घटकर लगभग 202.1 मिलियन GT रह गया।

यानी इस अवधि में करीब 28.4 मिलियन GT की कमी दर्ज हुई, जो लगभग 12.3 प्रतिशत बैठती है। कुछ सितंबर अपडेट में 1 सितंबर तक के आंकड़ों के आधार पर पनामा का बेड़ा करीब 196 मिलियन GT और साल की शुरुआत से लगभग 15 प्रतिशत नीचे बताया गया है। इसलिए 15 प्रतिशत का आंकड़ा इस्तेमाल करते समय संबंधित डेटा-कटऑफ बताना जरूरी है।

आखिर क्यों बदली पनामा की स्थिति?

पनामा रजिस्ट्री की ओर से पिछले समय में जहाजों की गुणवत्ता और नियमों के अनुपालन पर अधिक जोर देने की नीति अपनाई गई है। रजिस्ट्री ने कई ऐसे जहाजों को हटाने की प्रक्रिया तेज की है जिन्हें प्रतिबंधों, खराब प्रदर्शन या अनुपालन संबंधी समस्याओं से जोड़ा गया था।

पनामा शिप रजिस्ट्री का कहना है कि उसकी प्राथमिकता केवल जहाजों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि बेड़े की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। रजिस्ट्री के प्रमुख रेमन फ्रांको के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ऐसे जहाजों का पंजीकरण भी रोका जा सकता है जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते।

अमेरिकी प्रतिबंधों का भी असर

रिपोर्टों के मुताबिक पनामा ने अमेरिकी प्रतिबंधों से संबंधित आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए अपने रजिस्टर से बड़ी संख्या में जहाजों को हटाया है। इसके अलावा कुछ जहाज मालिकों ने भी पंजीकरण रद्द कराया है।

2026 के दौरान कुछ महीनों में ऐसे अनुरोध बढ़े और उच्च जोखिम वाले जहाजों पर निगरानी बढ़ाई गई। पनामा रजिस्ट्री इसे समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुपालन से जुड़ी नीति का हिस्सा बताती है।

मार्शल आइलैंड्स को कैसे फायदा हुआ?

जहां पनामा के बेड़े में कमी आई, वहीं मार्शल आइलैंड्स की रजिस्ट्री में वृद्धि दर्ज की गई। Clarksons के अनुसार, 2025 के अंत से अगस्त 2026 के बीच मार्शल आइलैंड्स का टन भार लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 209.4 मिलियन GT हो गया।

इस वृद्धि ने उसे पनामा से आगे निकलने में मदद की। समुद्री उद्योग में जहाज मालिक अक्सर अलग-अलग रजिस्ट्रियों का चयन सुरक्षा मानकों, नियामकीय व्यवस्था, लागत, तकनीकी सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय परिचालन से जुड़े विभिन्न कारणों को ध्यान में रखकर करते हैं।

पनामा के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

पनामा लंबे समय से दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पहचान वाली जहाज रजिस्ट्रियों में रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वह करीब तीन दशकों तक टन भार के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी रजिस्ट्री रहा और 2023 में लाइबेरिया ने उसे पीछे छोड़ा।

अब मार्शल आइलैंड्स के दूसरे स्थान पर पहुंचने के बाद शीर्ष तीन रजिस्ट्रियों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्वरूप और बदल गया है। पनामा के लिए चुनौती सिर्फ रैंकिंग बनाए रखने की नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले जहाजों को अपने रजिस्टर में बनाए रखने की भी है।

वैश्विक शिपिंग उद्योग पर क्या असर?

जहाज रजिस्ट्री में बदलाव सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार के रास्ते नहीं बदलता, लेकिन यह इस बात का संकेत देता है कि जहाज मालिक किस तरह की नियामकीय और परिचालन व्यवस्था को प्राथमिकता दे रहे हैं।

रजिस्ट्रियों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल कम शुल्क या बड़ी संख्या में जहाज दर्ज करने तक सीमित नहीं है। सुरक्षा, तकनीकी क्षमता, अनुपालन, ग्राहक सेवा, जोखिम प्रबंधन और पोर्ट स्टेट कंट्रोल से जुड़े रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण कारक बन रहे हैं।

आगे क्या होगा?

आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पनामा अपने बेड़े में गिरावट को किस तरह संभालता है और क्या उसकी नई चयनात्मक नीति के परिणामस्वरूप अधिक उम्र या जोखिम वाले जहाजों की जगह अपेक्षाकृत नए और बेहतर प्रदर्शन वाले जहाज रजिस्टर में शामिल होते हैं।

दूसरी ओर, लाइबेरिया और मार्शल आइलैंड्स के लिए भी बेड़े में तेजी से वृद्धि के साथ सुरक्षा और अनुपालन मानकों को बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

निष्कर्ष

वैश्विक शिपिंग रजिस्ट्रियों की नई तस्वीर में लाइबेरिया पहले, मार्शल आइलैंड्स दूसरे और पनामा तीसरे स्थान पर है। पनामा के जहाजों की कुल संख्या अभी भी दोनों प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से अधिक है, लेकिन सकल टन भार में कमी ने उसकी रैंकिंग बदल दी है। यह बदलाव समुद्री उद्योग में गुणवत्ता, सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और जहाज मालिकों की बदलती प्राथमिकताओं के बढ़ते महत्व को सामने लाता है।

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