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पटना में SI अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, परीक्षा रद्द करने के फैसले से नाराजगी


पटना: बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर यानी SI भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में उम्मीदवार गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।

1,799 पदों की भर्ती से जुड़ा है मामला

यह पूरा विवाद बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC की 1,799 सब-इंस्पेक्टर पदों वाली भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। आयोग ने 27 मई 2026 को आयोजित मुख्य परीक्षा को 23 सितंबर को रद्द करने का फैसला लिया था। आयोग की ओर से इसके लिए ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला दिया गया था।

परीक्षा रद्द होने से वे अभ्यर्थी खास तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में सफलता हासिल की थी और अब शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET की तैयारी कर रहे थे।

गांधी मैदान से निकला विरोध मार्च

अभ्यर्थी हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर गांधी मैदान से आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि मुख्य परीक्षा रद्द करने के निर्णय पर दोबारा विचार किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। कई उम्मीदवारों ने शारीरिक परीक्षा की तारीख घोषित करने की भी मांग उठाई।

अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती की तैयारी में लंबे समय तक मेहनत की और चयन प्रक्रिया के अगले चरण की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होने के बाद उनके भविष्य और आगे की प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।

जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका मार्च

गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई।

कुछ रिपोर्टों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव तथा पुलिस कार्रवाई की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, ऐसी घटनाओं के अलग-अलग विवरण सामने आए हैं, इसलिए इन्हें संबंधित रिपोर्टों के अनुसार ही देखा जाना चाहिए।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार मुख्य रूप से चाहते हैं कि—

  • मुख्य परीक्षा रद्द करने के फैसले की समीक्षा की जाए।

  • भर्ती प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया जाए।

  • सफल अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित की जाए।

  • परीक्षा रद्द करने के कारणों को स्पष्ट रूप से बताया जाए।

  • अभ्यर्थियों की शिकायतों और आपत्तियों पर सरकार तथा आयोग की ओर से स्पष्ट जवाब दिया जाए।

अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उसे रद्द किए जाने के फैसले को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक निर्णय से ही स्पष्ट होगी।

आगे क्या होगा?

SI अभ्यर्थियों के इस आंदोलन ने बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही बहस को फिर तेज कर दिया है। अब निगाहें BPSSC और राज्य सरकार के अगले कदम पर हैं। अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि हजारों उम्मीदवारों को आगे की तैयारी और परीक्षा कार्यक्रम के बारे में निश्चित जानकारी मिल सके।