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बिहार में शिक्षकों के तबादले पर फिलहाल रोक, चुनाव के बाद खुलेगा आवेदन पोर्टल


पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए अभी और इंतजार करना होगा। विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर सरकारी शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। चुनाव आचार संहिता के दौरान स्थानांतरण की अनुमति नहीं मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला चुनाव के बाद तक टाल दिया है।

4 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी आवेदन प्रक्रिया

शिक्षा विभाग की पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, शिक्षकों के सामान्य तबादले के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 4 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू होने थे। इसके लिए पहले की समय-सारणी में 4 से 10 अक्टूबर तक आवेदन लेने और उसके बाद तबादला सूची, आपत्तियों तथा अपील से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने का कार्यक्रम बनाया गया था। लेकिन चुनाव संबंधी प्रतिबंधों के कारण यह कार्यक्रम लागू नहीं हो सका।

निर्वाचन आयोग से अनुमति नहीं मिलने के बाद फैसला

रिपोर्टों के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने चुनाव अवधि में स्थानांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर निर्वाचन अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा था। अनुमति नहीं मिलने के बाद विभाग ने फिलहाल प्रक्रिया रोक दी। अब चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई समय-सारणी जारी किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, आवेदन पोर्टल दोबारा किस तारीख से खुलेगा, इसकी अंतिम घोषणा का इंतजार रहेगा।

तबादले के लिए लाखों शिक्षकों को करना होगा इंतजार

बिहार के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक बड़ी संख्या में शिक्षक कार्यरत हैं। सामान्य तबादले की प्रक्रिया उनके लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से शिक्षक निर्धारित नियमों के तहत अपने पसंदीदा स्थान या उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

शिक्षा विभाग पहले ही दो चरणों में अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन और आपसी सहमति से तबादले की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब संशोधित रिक्तियों के आधार पर सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।

पहले बाढ़, अब चुनाव के कारण देरी

शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया इससे पहले भी टल चुकी है। सितंबर में राज्य के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवेदन कार्यक्रम स्थगित किया गया था। इसके बाद अक्टूबर की शुरुआत में नई तारीख तय हुई, लेकिन अब विधान परिषद चुनाव के कारण प्रक्रिया फिर रुक गई है।

अब शिक्षकों को क्या करना चाहिए?

शिक्षकों को सलाह है कि वे शिक्षा विभाग और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों पर नजर रखें। नई समय-सारणी घोषित होने से पहले किसी संभावित तारीख को अंतिम न मानें और आवेदन से संबंधित दस्तावेज तैयार रखें।

निष्कर्ष

बिहार में सरकारी शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया फिलहाल चुनावी कारणों से रुकी हुई है। चुनाव समाप्त होने के बाद शिक्षा विभाग नई समय-सारणी जारी कर सकता है। ऐसे में स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों की नजर अब विभाग की अगली आधिकारिक अधिसूचना पर रहेगी।