ईद मिलादुनबी पर निकाला गया भव्य जुलुश,नारे ए तकबीर अल्लाह हू अकबर के नारे से गूंजा पोलपोल।
मेदिनीनगर।ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों के द्वारा पोलपोल में भव्य जुलूस निकाला गया. इस दौरान हुजूर की आमद मरहबा सरकार की आमद मरहबा, नारे ए तकबीर अल्लाह हू अकबर के नारे से पूरा इलाका गूंजता रहा. प्रमुख और निर्धारित मार्ग से होकर जुलूस गुजरा. पुनः उसी उत्साह के साथ निर्धारित जगह पर जुलूस का समापन किया गया।अंजुमन कमिटी ने जुलूस का नेतृत्व किया।जुलूस में कमेटी ने साउंड बाजा के साथ इस जुलूस की शान बढ़ाया. हर चौक पर आलीमों की तकरीर हुई. मोहम्मद साहब ने जो पैगाम बताया है उसको लोगों को बताया गया। शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी, प्रेम व भाईचारा के बीच यह त्योहार मनाया गया।बताते चलें कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में ईद मिलादुनबी का त्योहार मनाया जाता है।मौके पर पोलपोल मुखिया पति व शिक्षक भरदुल सिंह ने कहा कि मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए आज रहमत वाला दिन है और यह पूरी इंसानियत के लिए सबसे बड़ी दिन है। उन्होंने कहा कि लोगो को धर्म जाति के नाम पर नही बटना चाहिए।हम हिंदुस्तान के है हमारी पहचान ही एकता भाईचारे की है।उन्होंने कहा कि दुआ करो हमारा भारत फिर से महान बने,हर हिंदु विवेकानंद व हर मुस्लिम कलाम बने।मौके पर अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि आज मोहम्मद पैगम्बर साहब का जन्म दिन है और यह हमें अमन और शांति का पैगाम देता है।कहा कि जाति धर्म के नाम पर बटने की जरूरत नहीं है।हमसभी हिंदुस्तानी है। हमलोग का आपसी एकता व भाईचारा ही पहचान हैं।उन्होंने कहा कि न हिन्दू बुरा है न मुसलमान बुरा है, बुराई पर जो उत्तर आए वह इंसान बुरा है।इस मौके पर सरजा मुखिया पति आनंद कुमार ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के याद में मनाया जाने वाला यह त्योहार हमे शांति भाईचारे का संदेश देता हैं।उन्होंने कहा कि यह त्योहार कमजोर लाचार लोग का मदद करने व आपस मे प्रेम भाईचारा का संदेश देता हैं।इस मौके सदर पपु खान, सेक्रेटरी नसीमुद्दीन अंसारी, खजांची जुबेर अन्सारी,डॉ शमीम अंसारी,अब्दुल अजीज अंसार,शौकत अली,बलराम पाल, खुर्शीद अंसारी,हाजी मुस्तकीम, हाफिज यूनुस साहब,इमाम साहब,खुर्शीद ,इम्तेयाज, नईम अंसारी,हाजी कासिम अंसारी,मेहनाज,नेजाम,हाफिज यूनुस,इरफान अंसारी,कलाम अंसारी,इदु अंसारी,महताब अंसारी,रहीस अंसारी ,गुलाम हैदर,अकबर खान,समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।






