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पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम ने मनाया भारतीय वायु सेना दिवस समारोह


श्री कृष्ण सिन्हा संस्थान सभागार में पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के आर्मी नेवी और एयर फोर्स के पूर्व सैनिकों ने सपरिवार हर्षोल्लास से मनाया 94वां भारतीय वायु सेना दिवस समारोह। इस समारोह में तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिक, सैन्य मातृ शक्ति , सुभाष बाल सेना और टीम जय हो के कुल करीब 350 सदस्य शामिल हुए। स्वागत भाषण और राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का विषय प्रवेश एवं मंच संचालन संगठन के उपाध्यक्ष डॉ कमल शुक्ला ने करते हुए वायु सेना के इतिहास पर प्रकाश डाला कि 08 अक्टूबर सन् 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी। आज वायुसेना अपने 94वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। वायुसेना सिर्फ लड़ाकू विमान नहीं है, यह हमारे हौसले की उड़ान है। चाहे 1965, 1971 का युद्ध हो, कारगिल की चोटियाँ हों, बालाकोट का पराक्रम या ऑपरेशन सिंदूर- वायुसेना ने हमेशा दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया है। सिर्फ युद्ध ही नहीं, जब-जब देश पर आपदा आई है - बाढ़ हो, भूकंप हो, या कोरोना काल में वैक्सीन और ऑक्सीजन पहुँचानी हो - तो सबसे पहले आसमान में हमारे वायुसेना के विमान ही दिखे हैं।
तदोपरांत वायु सेना गीत और केक कटिंग के साथ भारत माता की जय, भारतीय सेना जिंदाबाद के नारों से सारा क्षेत्र गूंज उठा।
मुख्य अतिथि के रूप में सोनारी आर्मी कैम्प के एडम कमांडेंट कर्नल तौक़ीब मुंतखाब जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल किशोर सिंह और ECHS के ऑफिसर इंचार्ज ग्रुप कैप्टन ओम प्रकाश सिंह ने अपने अभिभाषण में भारतीय वायु सेना के शौर्य, पराक्रम और ओज की प्रशंसा करते हुए उन वीर शहीद योद्धाओं को नमन किया जिन्होंने मां भारती की शान में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सबने सराहा कि भारतीय वायु सेना की ताकत उसके फाइटर प्लेन से नहीं वरन उसके फाइटर पायलट्स की अदम्य साहस और बहादुरी से है। वायुसेना हमें एक सीख देती है - "ऊँचा सोचो, ऊँची उड़ान भरो।" जैसे वे आसमान में ऊँचा उड़ते हैं, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में ऊँचे लक्ष्य रखने चाहिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सैन्य मातृ शक्ति ने सामूहिक रूप से अफवा गीत का गान किया। सैन्य मातृ शक्ति सदस्या अंजू मौर्य और सोमा साव के नृत्य, रिंकू सिंह की काव्य पाठ के साथ नन्हीं बालिकाओं में शाम्भवी, अविशा, आस्था, त्रिशिका और पिहू ने बहुत ही सुंदर प्रस्तुतियां दी। धन्यवाद ज्ञापन में विशिष्ठ अतिथियों को धन्यवाद देते हुए विशेष रूप से श्री कृष्ण सिन्हा संस्थान के डॉ हरि बल्लभ सिंह आरसी, श्री अंगद तिवारी, श्री पवन सिंह जी को कार्यक्रम के लिए वैन्यू उपलब्ध कराने के सहयोग की प्रशंसा करते हुए, सराहा गया। राष्ट्र गान जन गण मन..के साथ कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सभी ने प्रीति भोज का आनंद लेते हुए स्वादिष्ट भोजन की प्रशंसा की।