अगर आज खामोश रहे तो कल भाषा और भविष्य समाप्त हो जाएगा: पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही
अगर आज खामोश रहे तो कल भाषा और भविष्य समाप्त हो जाएगा: पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाह
पलामू : झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने भाषा के सवाल पर अपनी पीड़ा की है व्यक्त। उन्होंने कहा कि
इतना बड़ा धोखा भाषा के साथ ही रहा है और आप पत्रकार गण भी मौन साधे हैं, पलामू के अस्मिता पर चोट हुआ है आज भाषा छीना जा रहा है कल कुछ और इस विषय को थोड़ा आपलोग को नैतिक और पलामू प्रमंडल के होने के नाते प्रमुखता देने का आग्रह करता हूँ ..
आज अगर नहीं आपलोग विषय को नहीं रखेंगे तो कल आपके बाल बच्चे भी माफ हमलोग सभी को नहीं करेंगे। इस बात को समझिए बहुत दूर की गेम हेमंत ने किया है पलामू का भाषा और भविष्य दोनों खराब हो जाएगा।
किसी ने सच ही कहा है कि अन्याय, दमन, शोषण और अत्याचार के साथ अगर आपने समझौता कर लिया तो फिर ना आप बचेंगे ना हम बचेंगे और आने वाली पीढ़ी बचेगी और आने वाले पीढ़ी हम लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। कुछ ऐसा ही इशारा झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए भाषा के सवाल पर किया है। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज अगर खामोश रहे आप लोग तो कल सन्नाटा छाएगा और हर सन्नाटे के पीछे से एक आवाज आएगी कोई नहीं, कोई नहीं, कोई नहीं, इसलिए जागिए अपनी अस्मिता अपनी भाषा और अपने भविष्य के लिए नहीं तो कल आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। पत्रकारों को भी कटघरे में खड़ा करते हुए भानु प्रताप शाही ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दायित्व बहुत बड़ा है जब-जब देश और दुनिया में अन्याय हुआ है तो फिर पत्रकारों ने पूरे बुलंदी के साथ अपनी कलम की आवाज को बुलंद किया है और कलम से सरकार को झुकाने का मादा पत्रकार रखते हैं। इसलिए उन्होंने सभी पत्रकार बंधुओ सेआग्रह किया है की भाषा और आने वाले भविष्य के लिए अपनी कलम को धारदार बनाएं ताकि आने वाले पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रह पाए।




