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बिहार एसटीएफ और गोड्डा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महागामा में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, दंपती गिरफ्तार


बिहार एसटीएफ और गोड्डा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महागामा में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, दंपती गिरफ्तार


मनोज कुशवाहा,
रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गोड्डा : जिले के महागामा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। बिहार एसटीएफ और गोड्डा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घाट बलिया गांव में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बनाने की मशीनें, कच्चा माल, अर्धनिर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में एक दंपती को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, बिहार एसटीएफ की टीम बेलहर थाना कांड संख्या- 98/26 के अभियुक्त के सहयोगी पवन तुरी की गिरफ्तारी और सत्यापन के लिए महागामा आई थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पवन तुरी के घर में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों और दंडाधिकारी की उपस्थिति में बुधवार,‌ 16 सितंबर को घाट बलिया स्थित पवन तुरी के घर पर छापेमारी की गई।

छापेमारी में जो बरामदगी हुई, वह चौंकाने वाली थी। मौके से 10 अर्धनिर्मित देशी पिस्टल की बॉडी, 20 ग्रिप, स्लाइड, बैरल, कटे हुए बैरल, लोहे के प्लेट और बड़ी मात्रा में अन्य कच्चा माल मिला। इसके अलावा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली एक कटर मशीन, 7 ड्रिल मशीन, 2 मिलिंग मशीन, 3 लेथ मशीन, मैगजीन स्प्रिंग और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। साथ ही देशी बंदूक और जिंदा कारतूस भी मिले हैं।

इस मामले में पुलिस ने मौके से हराधन मिर्धा और उसकी पत्नी गुलमुनी देवी, दोनों निवासी घाट बलिया, को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पवन तुरी फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। बरामद सभी सामानों की विधिवत जब्ती सूची बनाई गई है।

इस संबंध में पुलिस ने महागामा थाना में कांड संख्या-166/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री काफी समय से संचालित हो रही थी और यहां बने हथियार झारखंड और बिहार के अपराधियों को सप्लाई किए जाते थे।

गोड्डा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है। यानी हथियार कहां से बनवाए जा रहे थे और कहां-कहां सप्लाई हुए हैं, इसकी तह तक पुलिस जाने में जुटी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध हथियारों के कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।