नई पीढ़ी को पढ़ाया जाए डॉ. रत्नप्पा कुम्हार का जीवन, पाठ्यक्रम में शामिल हो उनका योगदान : अविनाश देव
*मेदिनीनगर।* संविधान सभा के सदस्य, स्वतंत्रता सेनानी, सहकारिता आंदोलन के प्रणेता एवं पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा भारमप्पा कुम्हार की जयंती पर मंगलवार को मेदिनीनगर स्थित झारखंड माटी कला बोर्ड के प्रमंडलीय कार्यालय, पलामू में भव्य समारोह आयोजित कर उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में झारखंड माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अविनाश देव ने कहा कि डॉ. रत्नप्पा कुम्हार केवल किसी एक समाज के गौरव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाली पीढ़ी के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि थे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान से परिचित कराना आवश्यक है। सरकार से मांग है कि डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के जीवन एवं योगदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि बच्चे संविधान निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुष के बारे में जान सकें।
उन्होंने मेदिनीनगर में पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा कुम्हार की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से प्रेरणा मिलेगी।
वक्ताओं ने बताया कि डॉ. रत्नप्पा कुम्हार का जन्म 15 सितंबर 1909 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी में एक कुम्हार परिवार में हुआ था। वे संविधान सभा के सदस्य रहे और उन्होंने संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया में भाग लिया। संसद के आधिकारिक अभिलेखों में संविधान पर उनके हस्ताक्षर का उल्लेख मिलता है। सहकारिता आंदोलन में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1985 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में अच्छेलाल प्रजापति ने डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके सामाजिक संघर्ष, राजनीतिक जीवन, सहकारिता आंदोलन एवं संविधान सभा में भूमिका को रेखांकित किया।
समारोह की अध्यक्षता जटाधारी गुरुजी, त्रिपुरारी प्रजापति ने की। आयोजन में संतोष गुरुजी, चंदन गुरुजी एवं शंकर प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। धन्यवाद ज्ञापन गिरवर हाई स्कूल के शिक्षक चंदन प्रजापति ने किया।
इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी शोभा प्रजापति, भुनेश जी, ललन प्रजापति, त्रिपुरारी प्रजापति, अमित प्रजापति, संतोष प्रजापति, राजू प्रजापति, गणेश प्रजापति, शंकर प्रजापति, अरविंद प्रजापति, सविता देवी, रविंद्र कुमार, धर्मेंद्र प्रजापति, कामेश्वर प्रजापति, संजय प्रजापति, सत्य बहिनी, धनेश प्रजापति, प्रवेश प्रजापति, राकेश प्रजापति, संगीत प्रजापति, रवि कुमार, ईश्वरी प्रजापति, हरिनारायण प्रजापति, मुकेश प्रजापति, विधायक प्रत्याशी अमित कुमार, धर्म प्रजापति, बिगम प्रजापति और जपला के शंकर प्रजापति सहित समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के विचारों एवं योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।





