सोशल मीडिया की भीड़ में साहित्य की आवाज़ को मंच दे रहा साहित्यसिंधिका, शुरू हुई नई पहल "शब्द एक, एहसास अनेक"
युवा लेखकों की रचनात्मक प्रतिभा, अभिव्यक्ति और साहित्य के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करने की दिशा में साहित्यसिंधिका लगातार नई पहल कर रहा है। इससे पहले साहित्यसिंधिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘कलम का कारवां’ में विभिन्न लेखकों ने अपने लेखन सफर और संघर्षों से जुड़े अनुभवों को साझा किया था। इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायी मंच का कार्य किया और यह संदेश दिया कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि अपने अनुभवों, विचारों और संघर्षों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त जरिया भी है।
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए साहित्यसिंधिका ने अब युवा लेखकों और साहित्यप्रेमियों के लिए एक नई साहित्यिक पहल ‘शब्द एक, एहसास अनेक’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के लेखन में मौजूद रचनात्मक भाव, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति की गहराई को पहचानना तथा उसे एक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाना है। इस पहल की घोषणा आज सोशल मीडिया के माध्यम से की गई।
शब्द एक, एहसास अनेक
‘शब्द एक, एहसास अनेक’ के तहत हर बार एक शब्द दिया जाएगा, लेकिन उस एक शब्द को लेकर हर रचनाकार की सोच, अनुभूति और अभिव्यक्ति अलग हो सकती है। इसी रचनात्मक विविधता को सामने लाना इस पहल की विशेषता है। इस क्रम में आज का शब्द ‘आज़ादी’ रखा गया है। प्रतिभागी अपनी कल्पना, संवेदना और सृजनशीलता के आधार पर ‘आज़ादी’ को अपने नजरिए से व्यक्त कर सकते हैं। इसके लिए मौलिक कविता, लघुकथा अथवा साहित्यिक गद्य-रचना भेजी जा सकती है। प्राप्त रचनाओं में से चयनित उत्कृष्ट रचना को साहित्यसिंधिका की आगामी सोशल मीडिया पोस्ट में विशेष रूप से प्रकाशित किया जाएगा। इसका उद्देश्य रचनाकारों को केवल एक मंच उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनकी कलम और सृजनात्मक पहचान को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना है। https://www.instagram.com/p/DdWJWxwPz5s/?stkn=MThmMjFweDZ4bXlqbg==
साहित्यसिंधिका की सह-संस्थापक अंजना सिंह ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर कंटेंट की भरमार है। ऐसे समय में युवाओं को सार्थक लेखन और साहित्य से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब किसी युवा की रचना को मंच मिलता है और उसके विचार दूसरे लोगों तक पहुंचते हैं, तो यह उसके लिए उत्साह और आगे लिखने की प्रेरणा का कारण बनता है। अंजना सिंह ने कहा कि साहित्यसिंधिका आने वाले दिनों में हिंदी साहित्य और साहित्यप्रेमियों के लिए कई नई गतिविधियों और कार्यक्रमों की शुरुआत करने की दिशा में काम कर रहा है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि और जुड़ाव बनाए रखना तथा उन्हें अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए निरंतर मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि साहित्य और लेखन की ओर युवाओं का झुकाव बना रहे, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें अपनी बात कहने और अपनी रचनात्मकता दिखाने के अवसर मिलें। ‘शब्द एक, एहसास अनेक’ इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली एक पहल है।
कैसे भेजें रचना?
प्रतिभागी अपनी मौलिक रचना के साथ अपना नाम, आयु, पता, मोबाइल नंबर और एक तस्वीर sahityasindhika@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं। नकल की गई अथवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित रचनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। साहित्यसिंधिका का यह प्रयास युवाओं की कलम को मंच देने और हिंदी साहित्य की रचनात्मक परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया है।



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