खाकी पर भारी पड़ता कोयले का काला धंधा: सीसीएल जारंगडीह रेलवे साइडिंग में सुरक्षा गार्ड से कोयलाचोरों की हाथापाई
अलका मिश्रा: बोकारो/बेरमो
बेरमो अंचल के कोयलांचल में कानून और सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले रक्षक खुद ही असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। मामला सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के जारंगडीह रेलवे साइडिंग *(पीएफ 2)* का है, जहां कोयला चोरी रोकने गए सुरक्षा बलों के साथ दबंगों द्वारा हाथापाई और धक्का-मुक्की की गई। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर अपनी ड्यूटी निभा रहे सुरक्षाकर्मियों के सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?* जारंगडीह सुरक्षा विभाग की टीम रेलवे साइडिंग पीएफ 2 पर नियमित गश्ती पर थी, तभी उनकी नजर अवैध रूप से जमा किए गए कोयले पर पड़ी।
बोरियों में भरा था माल: तस्करों ने बड़े पैमाने पर कोयला पहले से ही इकट्ठा कर रखा था और कुछ को बोरियों में भरकर ढुलाई की तैयारी में थे।जब सुरक्षा टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद असामाजिक तत्वों ने हाथापाई शुरू कर दी।देखते-ही-देखते मामला हिंसक हो गया।
तस्वीरों में कैद दबंगई: सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई इस धक्का-मुक्की और बदसलूकी के सुबूत तस्वीरों में भी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।
घटना के बाद सीसीएल जारंगडीह सुरक्षा विभाग के सुरक्षा प्रभारी **सुरेश राम** ने पुष्टि की है कि उनकी टीम के साथ ड्यूटी के दौरान बदसलूकी,हाथापाई और धक्का-मुक्की की गई है। विभाग की ओर से इस मामले में स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की बातें चल रही हैं।
*कोयले के इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे वर्दी और कानून को भी ठेंगा दिखाने से नहीं चूक रहे हैं।*
अब देखना यह है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाती है या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
वैसे *कोलियरियों और साइडिंग क्षेत्रों में सीसीएल सुरक्षा गार्ड्स के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार की यह कोई पहली घटना नहीं है।*






