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अदाणी अन्नपूर्णा पहल से गोड्डा के किसानों को मिल रही आजीविका की नई राह


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गोड्डा : अदाणी फाउंडेशन की प्रमुख अदाणी अन्नपूर्णा पहल के तहत गोड्डा जिले में मशरूम खेती को ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण के प्रभावी माध्यम के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। 

इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण परिवारों में पोषण सुरक्षा मजबूत करने तथा जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों के माध्यम से वर्षभर रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक अदाणी पावर प्लांट, गोड्डा के समीपवर्ती, पाइपलाइन, रेलवे लाइन एवं परिधीय क्षेत्रों के 20 गांवों के 500 से अधिक किसानों को ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कम लागत और अपेक्षाकृत अधिक लाभ वाली इस खेती को किसानों ने उत्साहपूर्वक अपनाया है। इससे पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय का एक नया स्रोत विकसित हुआ है। मशरूम उत्पादन से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिला है। प्रोटीन से भरपूर ताजे मशरूम की उपलब्धता से परिवारों के भोजन में विविधता आई है, वहीं स्थानीय बाजारों में बिक्री से किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त हो रही है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्यक्रम के तहत मूल्य संवर्धन पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं को मशरूम से अचार और सूखे मशरूम जैसे उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई जा रही है। इससे घरेलू स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी तैयार हो रहे है। 

वर्षभर उत्पादन और नियमित आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन ने ऑयस्टर मशरूम के साथ मिल्की और पैडी मशरूम की खेती को भी बढ़ावा देना शुरू किया है। गर्म मौसम में इन प्रजातियों की सफल खेती के माध्यम से किसानों को मौसमी सीमाओं से बाहर निकलकर वर्षभर उत्पादन करने का अवसर मिल रहा है। 

इसी क्रम में डुमरिया, मोतिया, बक्सारा और करनू पंचायत के 70 चयनित किसानों को मशरूम विशेषज्ञ संतोष कुमार द्वारा उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक खेती पद्धति, जैविक कृषि प्रक्रियाएं, स्पॉन प्रबंधन, बैग निर्माण, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, बाजार संपर्क तथा आय वृद्धि से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी गई। 

इसके अलावा लगभग 300 अनुभवी मशरूम उत्पादकों को आगामी वर्ष में अलग-अलग मौसमों के अनुरूप मिल्की और पैडी मशरूम उत्पादन के लिए उन्नत मार्गदर्शन देने की योजना है। वर्तमान में डुमरिया, करनु, बसंतपुर, नयाबाद, गोविंदपुर, बक्सारा, मोतिया और रंगनिया गांवों के 70 किसान सक्रिय रूप से इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। किसानों द्वारा अब तक 800 मिल्की मशरूम बैग और 200 पैडी मशरूम बैग तैयार किए जा चुके हैं। इनसे अब तक लगभग 487 किलोग्राम मिल्की मशरूम और 282 किलोग्राम पैडी मशरूम का उत्पादन हुआ है। 

उत्पादित मशरूम का उपयोग किसानों ने स्वयं के परिवारों के लिए करने के साथ स्थानीय बाजारों में बिक्री के लिए भी किया है। अदाणी फाउंडेशन किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ निरंतर फील्ड सपोर्ट भी उपलब्ध करा रहा है। आगामी शीतकालीन मौसम में किसान दोबारा ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन शुरू करेंगे। साथ ही मशरूम अचार और ड्राई मशरूम जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

इस वर्ष किसानों को बटन मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देने की भी योजना है, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें। मशरूम उत्पादन को बड़े पैमाने पर करने वाले किसानों को आगे बढ़ाने के लिए भी अदाणी फाउंडेशन तकनीकी एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा, ताकि स्थानीय स्तर पर सफल मशरूम उत्पादकों को ग्रामीण उद्यमिता के मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। 

अदाणी फाउंडेशन की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, पोषण सुरक्षा को मजबूत करने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ गोड्डा में सतत एवं वर्षभर की ग्रामीण आजीविका विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।