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देवघर के डॉ. सिकंदर सिंह को आईएमए का सर्वोच्च कम्युनिटी सर्विस सम्मान.


रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 
अमित कुमार 

देवघर : भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग धन को प्राथमिकता दे रहे हैं, तब बाबानगरी देवघर के वरिष्ठ चिकित्सक 'डॉ. सिकंदर सिंह' ने मानव सेवा को ही अपना धर्म बना लिया। उनके इसी असाधारण योगदान को अब देश भर में मान्यता मिली है। 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने डॉ. सिकंदर सिंह को 'कम्युनिटी सर्विस' के सर्वोच्च सम्मान से नवाजने का निर्णय लिया है। यह सम्मान उन्हें 18 जुलाई को प्रदान किया जाएगा। पूरे देश से केवल 5 चिकित्सकों का चयन इस सम्मान के लिए हुआ है, जिसमें देवघर के डॉ. सिकंदर सिंह भी शामिल हैं। 

डॉ. सिकंदर सिंह वर्ष 1990 से चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय हैं। पत्नी के साथ देवघर आने के बाद उन्होंने इसी शहर को अपनी कर्मभूमि बनाया और सुभाष चौक स्थित क्लीनिक से सेवा शुरू की। 

सेवा के दौरान उन्होंने देखा कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मरीज इलाज का खर्च नहीं उठा पाते। इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि जरूरतमंद मरीजों का इलाज और जांच पूरी तरह निशुल्क होगी। वर्ष 1998 से अब तक हजारों गरीब मरीजों का उन्होंने मुफ्त इलाज कर मानवता की मिसाल पेश की है।

निजी प्रैक्टिस के साथ-साथ डॉ. सिंह ने टीबी उन्मूलन, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसे रोगों के खिलाफ चलाए गए सरकारी जन जागरूकता अभियानों में भी सक्रिय सहयोग किया। 

उनके मरीज कहते हैं कि डॉ. सिकंदर सिंह की सबसे बड़ी दवा उनका व्यवहार है। वह हर मरीज की बात गंभीरता से सुनते हैं और दोस्ताना अंदाज में इलाज करते हैं। क्लीनिक के कर्मचारी भी उन्हें प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनका कहना है कि डॉ. साहब सिखाते हैं कि जीवन सिर्फ अपने लिए नहीं, समाज के लिए भी जीना चाहिए।

देवघर सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि निजी चिकित्सक होने के बावजूद डॉ. सिंह ने हमेशा सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया है। उन्होंने अन्य चिकित्सकों से भी डॉ. सिकंदर सिंह से प्रेरणा लेने की अपील की।

सम्मान की खबर पर डॉ. सिंह ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि मानव सेवा के सिद्धांत की जीत है। उन्होंने बाबा बैधनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था भी व्यक्त की।

डाॅक्टर सिंह को 18 जुलाई को मिलने वाला यह सम्मान देवघर के लिए गर्व का क्षण है और यह साबित करता है कि आज भी समाज में ऐसे चिकित्सक हैं जो पैसे से ऊपर इंसानियत को रखते हैं।