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जामताड़ा में ‘समाधान’ कोचिंग सेंटर का शुभारंभ, नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर मार्गदर्शन


उदय किशोर सिंह,

जामताड़ा। पुराना कोर्ट स्थित थाना रोड में मंगलवार को ‘समाधान कोचिंग सेंटर’ का शुभारंभ हुआ। सेंटर का उद्घाटन झामुमो नेता डॉ. अब्दुल मन्नान अंसारी, महिला कॉलेज के प्रोफेसर टीके मांझी और प्रोफेसर जैनुल आबेदीन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने सेंटर के संचालक सैफ अहमद याक़ूबी के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जामताड़ा के विद्यार्थियों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करने की मजबूरी कुछ हद तक कम होगी। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अब्दुल मन्नान अंसारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समाधान कोचिंग सेंटर जामताड़ा के बच्चों के भविष्य को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने विद्यार्थियों से सेंटर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सैफ अहमद खुद एक टॉपर विद्यार्थी रहे हैं और उनकी सफलता व अनुभव से युवाओं को सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सरकारी नौकरी, रेलवे, बैंकिंग, एसएससी, पुलिस, दारोगा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे यहां आकर मार्गदर्शन लें। उम्मीद है कि यहां से तैयारी करने वाले विद्यार्थी आने वाले समय में नौकरी हासिल कर अपने परिवार और जामताड़ा का नाम रोशन करेंगे। महिला कॉलेज के प्रोफेसर टीके माजी ने कहा कि समाधान कोचिंग सेंटर के संचालक सैफ अहमद उनके विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि सैफ अहमद ने बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर की नौकरी छोड़कर शिक्षा के क्षेत्र में आने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में अच्छी नौकरी छोड़कर बच्चों को शिक्षित करने और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा व्यवस्था खड़ी करने का प्रयास करना बड़ी बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेंटर में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और उन्हें बेहतर परिणाम हासिल होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे हमेशा सेंटर के साथ खड़े रहेंगे।
प्रोफेसर जैनुल आबेदीन ने कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में सैफ अहमद द्वारा बैंक की नौकरी छोड़कर अपने पिता प्रोफेसर स्वर्गीय अबू तालिब अंसारी के पदचिह्नों पर चलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आने का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जामताड़ा के विद्यार्थियों को बेहतर और उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सैफ अहमद ने अपनी नौकरी तक का त्याग किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं लेकर समाधान कोचिंग सेंटर पहुंचें और यहां उपलब्ध मार्गदर्शन का लाभ उठाएं। वहीं सेंटर के संचालक सैफ अहमद ने कहा कि जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं। क्षेत्र के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि वे अपने बच्चों को धनबाद, बोकारो, रांची जैसे बड़े शहरों में भेजकर लंबे समय तक कोचिंग और पढ़ाई का खर्च उठा सकें। यही वजह है कि प्रतिभावान विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिकांश अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों को किसी न किसी क्षेत्र में नौकरी मिले। रेलवे, झारखंड स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा, पुलिस, दारोगा, एसएससी, बैंकिंग सहित विभिन्न सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं में काफी आकर्षण है। लेकिन उचित मार्गदर्शन और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी होती है। इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से ‘समाधान कोचिंग सेंटर’ की शुरुआत की गई है। सैफ अहमद ने विशेष रूप से छात्राओं के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बेटियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बहुत सी छात्राएं पढ़ना चाहती हैं, लेकिन उन्हें लड़कों की तरह घर से बाहर जाकर पढ़ाई करने का अवसर नहीं मिल पाता। यदि बेटियों को सही शिक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वे अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ-साथ अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि सेंटर में विद्यार्थियों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उद्देश्य है कि जामताड़ा के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही ऐसी तैयारी का अवसर मिले, जिससे उन्हें अपने सपनों की नौकरी हासिल करने में मदद मिल सके। कार्यक्रम में झामुमो नेता हातिम अंसारी, जुलकर नैन अंसारी कमाल कौसर  सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग मौजूद थे।