कमीशनखोरी के आरोपों से विकास कार्य प्रभावित, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
जनता दल यूनाइटेड सदर प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण कुमार तिवारी
पलामू: जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर कमीशनखोरी और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। जनता दल यूनाइटेड सदर मेदिनीनगर प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने आरोप लगाया है कि कुछ पदाधिकारियों द्वारा कथित रूप से अत्यधिक कमीशन लिए जाने के कारण ठेकेदारों के सामने काम की गुणवत्ता बनाए रखना चुनौती बन जाता है। इसके परिणामस्वरूप कई जगहों पर निर्माण कार्य महज लिपापोती तक सिमटकर रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की शिकायतें आम होती जा रही हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से एक पुल का मामला उठाते हुए कहा कि वे लंबे समय से पलामू सांसद से इस पुल के निर्माण/मरम्मत के लिए आग्रह करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।
बताया गया कि उक्त पुल दो लोकसभा क्षेत्रों की सीमा के समीप स्थित है, लेकिन क्षेत्र पलामू लोकसभा के अंतर्गत आता है। इसी पुल के माध्यम से पावर ग्रिड सब-स्टेशन तक अधिकारी और कर्मचारी आवागमन करते हैं। इसके बावजूद पुल की स्थिति को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि करीब दो वर्ष पूर्व इसी पुल से दो लोग नदी में बह गए थे। इसके बाद भी पुल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना चिंता का विषय है।
उन्होंने स्थानीय विधायक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनका अधिक ध्यान चैनपुर क्षेत्र तक सीमित दिखाई देता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि यदि उनकी बातों से किसी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी को आपत्ति होती है तो उन्हें इससे कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उनका कहना है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे और संबंधित पुल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवाज जारी रखेंगे।






