करीम सिटी कॉलेज के उर्दू विभाग और उर्दू भवन जमशेदपुर ने आयोजित किया साहित्यिक सभा-"याद-ए-राशिद"
जमशेदपुर, 30 जून, 2026
करीम सिटी कॉलेज के उर्दू विभाग और लिटरेरी ऑर्गनाइज़ेशन उर्दू भवन जमशेदपुर की तरफ़ से मशहूर शायर और साहित्यकार राशिद अनवर राशिद की याद में करीम सिटी कॉलेज मानगो कैंपस के मल्टीपर्पस हॉल में एक साहित्यिक कार्यक्रम... "यादे राशिद" आयोजित किया गया। जिसमें राशिद अनवर राशिद के शेरी मजमुए 'एक क़तरा ही सही...' का विमोचन हुआ। सभा की अध्यक्षता मशहूर शायर अनवर अदीब ने की और रूही अंजुम बेगम राशिद अनवर राशिद (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश)अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। डॉ. मुहम्मद रेयाज़ (प्राचार्य सिटी कॉलेज) गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर शामिल हुए। डॉ. मुहम्मद ज़कारिया (शिक्षा निदेशक, करीम्स ट्रस्ट एंव सचिव, करीम सिटी कॉलेज) और डॉ. सैयद मुहम्मद यहिया इब्राहीम (अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष, करीम सिटी कॉलेज) ने मुख्य वक्ता के रूप में सभा को संबोधित किया और राशिद अनवर राशिद के जीवन और सेवाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उर्दू भवन के अध्यक्ष डॉ. हसन इमाम मल्लिक ने सभा में उपस्थित मेहमानों, शायरों, लेखकों, प्रोफेसरों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि राशिद अनवर राशिद ने हमारे शहर के करीम सिटी कॉलेज से अपना व्यावहारिक जीवन शुरू किया। वह वास्तव में एक महान लेखक और कवि थे। उन्हें याद करना हमारे लिए सिर्फ नैतिक कर्तव्य ही नहीं बल्कि गर्व की बात भी है।
मुख्य अतिथि रूही अंजुम ने अपने पति राशिद अनवर राशिद के शालीन स्वभाव और उनके अंतिम दिनों की परिस्थितियों का वर्णन किया। उनके भावनात्मक भाषण का श्रोताओं पर गहरा प्रभाव पड़ा। राशिद अनवर राशिद की बेटी जवेरिया अंजुम ने अपने पिता के शेर सुनाकर सभा की दुआएँ लीं। करीम सिटी कॉलेज के उर्दू के प्रोफेसर और उर्दू भवन के सेक्रेटरी, मशहूर शायर गौहर अज़ीज़ ने इतनी सुन्दरता से कार्यक्रम का संचालन किया यह सभा ऐतिहासिक बन गई।
इस मौके पर बुजुर्ग शायर अनवर अदीब को सम्मानित किया गया और युवा शायर सद्दाम गनी को 'राशिद अनवर राशिद अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। प्रोग्राम के आखिर में सभा के अध्यक्ष अनवर अदीब ने अध्यक्षीय भाषण दिया और राशिद अनवर राशिद को अपना पसंदीदा शायर बताया। डॉ. शहबाज़ अंसारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ मजलिस खत्म हुई। इस प्रोग्राम में मशहूर शायर असलम बद्र, अर्का जैन यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. सफदर रज़ी, उर्दू डिपार्टमेंट की पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सीमा जाबीं, पत्रकार शाकिर अज़ीमाबादी के अलावा बड़ी संख्या में शहर की जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं।





