कायस्थपाड़ा के राउतपाड़ा में विधि-विधान से पूजा के बाद निकली भव्य विसर्जन यात्रा, ढोल-ताशे के साथ राजा बांध पहुंचे श्रद्धालु।
उदय किशोर सिंह
जामताड़ा। कायस्थपाड़ा स्थित राउतपाड़ा में गणेश चतुर्थी के सातवें दिन सोमवार को भगवान गणपति की प्रतिमा का भावुक माहौल में विसर्जन किया गया। पिछले 47 वर्षों से चली आ रही गणपति पूजा की परंपरा के तहत इस वर्ष भी मोहल्ले में भव्य गणेश महोत्सव का आयोजन किया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी।
विसर्जन से पूर्व मोहल्ले की महिलाओं ने भगवान गणपति को तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद ढोल-ताशे के साथ गणपति की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए स्थानीय राजा बांध पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
समिति के सदस्य सचिन राउत ने बताया कि वर्ष 1979 में मोहल्ले के राउत परिवार के सदस्यों ने गणपति पूजा की शुरुआत की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समिति के सदस्यों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गणपति महोत्सव का आयोजन किया।
समिति के सदस्य प्रदीप राउत ने कहा कि कायस्थपाड़ा में पिछले 47 वर्षों से गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की जा रही है। यह परंपरा मोहल्ले के लोगों की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बन चुकी है। सातवें दिन पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं सहित मोहल्ले के लोगों ने भावुक मन से गणपति को विदाई दी।
विसर्जन यात्रा के दौरान पूरे रास्ते श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते रहे। माहौल भक्तिमय बना रहा।
मौके पर समिति के सदस्य प्रमोद राउत, राजा राउत, ब्रजेश राउत, जीतू, अंश, राज, विष्णु राउत, प्रीतम, करण राउत, विनय राउत, सोनू राउत, राजीव राउत, दिव्यज्योति सरकार, रोहित बाउरी, राहुल कुमार, बजरंगी, देव सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।







