श्री अग्रसेन स्कूल में मना करमा महोत्सव, करम डाल की हुई पूजा
प्रकृति से जुड़ाव की प्रेरणा देता है करमा : प्रवीण राजगढ़िया
भुरकुंडा। भाई-बहन के निश्छल प्रेम व प्रकृति का पर्व करमा के अवसर पर श्री अग्रसेन स्कूल में सोमवार को करमा महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव की शुरुआत करम डाल स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना से हुई। आचार्य लालेश्वर पांडेय ने पूजा कराई। साथ ही बच्चों ने करमा पर्व से जुड़ी लोककथा भी सुनी। महोत्सव के दौरान करमा के गीत वातावरण में घुलते रहे। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने करम डाल के पास पारंपरिक नृत्य कर आयोजन को यादगार बनाया। छात्राओं ने करम करम कहले आए करम दिन... और सातो भइया रे सातो करम गाड़े... आदि लोकगीतों की भी प्रस्तुति की। मौके पर स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि करमा आदिवासी समाज के साथ ही मानव जाति के हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायी है, जो प्रकृति प्रेमी है। सच यह है कि आज के दौर में पर्यावरण असंतुलन एक गंभीर समस्या बन गई है। इससे करमा पर्व की महत्ता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे जीवन में हर रूप में शामिल है। इसलिए आदिवासी समाज के इस प्रकृति प्रेम को हमें समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाने की जरूरत है। प्राचार्य विवेक प्रधान ने झारखंड की संस्कृति को एक समृद्ध संस्कृति बताते हुए कहा कि प्रकृति पर्व करमा का अपना एक विशेष महत्व है। यह झारखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करता है। महोत्सव को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों का योगदान रहा।







