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दिल्ली पब्लिक स्कूल, राँची में मनाया गया वार्षिकोत्सव - "समन्वय : करुणा सद्भाव और एकता का उत्सव"


दिनांक : 25/08/2026

"भेद नहीं
भाव होना चाहिए...
अलग - अलग सुरों से गढ़ा
एक संगीत होना चाहिए।
एकता का सद्भाव....
विविधता में समन्वय का
संसार होना चाहिए।"

दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेल टाउनशिप, राँची के विवेकानंद सभागार में दिनांक 25 अगस्त 2026 को कक्षा प्रेप से कक्षा 2 के विद्यार्थियों द्वारा वार्षिक समारोह "समन्वय" का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस समारोह में लगभग 300 विद्यार्थियों द्वारा उनके कलात्मक उत्कर्ष को प्रदर्शित किया। 

दर्शकवृन्द में प्रेस और मीडिया के लोगों के साथ-साथ अभिभावकों का एक वृहद जनसमूह उपस्थित था । प्रस्तुति का मुख्य केंद्र बिंदु मानव जगत और प्रकृति के बीच का तालमेल और उसमें व्याप्त समन्वय था। प्रकृतिजन्य मनुष्य और प्रकृति से ही उसकी स्पर्धा को संगीत, नृत्य तथा नाट्य अभिव्यक्तियों द्वारा आकर्षक रूप से विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया। गणपति आराधना के साथ प्रारम्भ इस कार्यक्रम में माता - पिता का हमारे जीवन में व्याप्त सर्वोपरी स्थान, पशु- पक्षियों तथा वनस्पत्तियों का जीव-जगत के संतुलन के लिए महत्व तथा अंत में स्वच्छता और सुचिता का मानवीयता के उत्थान में होने वाले योगदान को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत किया गया।  इस समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों ने 'समन्वय' शीर्षक के सार को न केवल मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया बल्कि दर्शकों और स्वयं प्रदर्शनकर्ताओं पर भी करुणा, एकता, सामंजस्य एवं मैत्री रूपी मानवीय भावनाओं की गहरी छाप छोड़ी। 

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया चौहान जी ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और आपसी सामंजस्य की भूरी - भूरी प्रशंसा करते हुए इन नन्हे कलाकारों को आने वाले कल का सृजनकर्ता बताया और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उनके कार्यक्रम के मूल आधार  'समन्वय' की महत्ता को रेखांकित करते हुए सभी को इससे प्रेरित होने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों के मंच संचालन एवं प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए ऐसी प्रतिभाओं और उनमें व्याप्त विचारों की नींव रखने पर शिक्षकों एवं अभिभावकों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य, समाज और देश तभी उन्नति कर सकता है जब विचारों और भावनाओं में सामंजस्य स्थापित हो सके। अंतर्विरोधों से उबरकर ही संतुलन और सौहार्द्र का गठन संभव हो सकता है। 

इन नन्हे प्रदर्शन कर्ताओं के कौशल को देख सभी दर्शक भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के समापन में विद्यार्थियों ने  उपस्थित समस्त महनीय व्यक्तित्वों का हार्दिक अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। मंचारूढ़ विद्यार्थियों की छटा से सम्पूर्ण भवन सतरंगी इंद्रधनुष सा वैभवपूर्ण हो उठा।