भाजपा का राजनीतिक हो-हल्ला दुर्भाग्यपूर्ण, न्यायिक प्रक्रिया का करे सम्मान - कांग्रेस नेता परवेज आलम
संवाददाता विकास कुमार
बेड़ो: जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर झारखंड में जारी विवाद पर कांग्रेस नेता परवेज आलम ने भाजपा की राजनीतिक बयानबाजी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए भटकाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता परवेज आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर 22 परीक्षाओं को रद्द करने तथा कई अन्य परीक्षाओं की जांच का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले को लेकर अलग-अलग पक्षों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसी क्रम में झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है। इससे पहले 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी उच्च न्यायालय ने रोक लगाई थी। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है तथा अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की है। परवेज आलम ने कहा कि अदालत में मामला विचाराधीन है और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में भाजपा द्वारा इसे लेकर राजनीतिक हो-हल्ला करना उचित नहीं है। युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में राजनीति नहीं, बल्कि पारदर्शिता, निष्पक्षता और न्याय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अंतिम निर्णय न्यायालय के स्तर पर होना है और सभी पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।


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