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मंटू मुर्मू पर भीड़ द्वारा हमला करने का आरोप, एससी-एसटी थाना में दिया आवेदन


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गिरिडीह :21 अगस्त को झंडा मैदान में हुई घटना को लेकर मंगलवार को होटल गैली में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर ज़एसएससी-जेपीएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े मंटू मुर्मू ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और मॉब लिंचिंग का प्रयास किया। मंटू मुर्मू ने बताया कि ज़एसएससी- जेपीएससी रिफॉर्म मंच की ओर से झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में गिरिडीह में भी युवाओं ने 21 अगस्त की शाम छह बजे पुतला दहन करने का निर्णय लिया था। इसी दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से टावर चौक पर केंद्र सरकार के खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। आरोप है कि इसी बीच करीब 200 से 250 की संख्या में झामुमो कार्यकर्ता झंडा मैदान पहुंच गए। मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि लखन राम, मोहम्मद असलम, सनी राईन, संजय सिंह, अजीत पप्पू, सुमित कुमार, मोहम्मद राजा समेत अन्य लोगों ने उन्हें भीड़ के बीच खींच लिया। इसके बाद भीड़ ने लाठी-डंडे और पत्थर से हमला किया। वहां मौजूद विद्यार्थियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाया। मंटू मुर्मू ने आगे आरोप लगाया कि वहां से निकलने के दौरान अनीश राय, अक्षय यादव और अभिजीत सिन्हा समेत अन्य विद्यार्थियों पर भी हमला किया गया। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में पूर्व में झामुमो की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर उनके भाई को भाजपा का मोहरा बताते हुए परिवार से अलग होने का आरोप लगाया गया था। मंटू मुर्मू ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया गया था। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को एससी/एसटी थाना में आवेदन देकर पूरे मामले में 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी