संपादक का सार
• एसीसी ने धनबाद के छताटांड़ और समलापुर गांवों में सोलर सिंचाई सिस्टम लगाने में सहयोग किया, जिससे 15 एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई संभव हुई।
• यह पहल ईंधन पर निर्भरता कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के जरिए फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रही है।
• किसानों को प्रति सीजन लगभग 30,000 रूपये तक की लागत बचत हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
झारखंड, 30 मार्च 2026: विविधीकृत अदाणी समूह के पोर्टफोलियो का हिस्सा एसीसी लिमिटेड झारखंड के धनबाद जिले में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देकर हरित कृषि को प्रोत्साहित कर रही है। कंपनी ने छताटांड़ और समलापुर गांवों में सोलर-पावर्ड सिंचाई सिस्टम लगाने में सहयोग किया है। छोटे और सीमांत किसानों को समर्थन देने के उद्देश्य से लगाए गए ये 5 एचपी के सौर सिंचाई सिस्टम लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई कर रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से किसानों को कम लागत में निरंतर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। इससे फसल उत्पादकता बढ़ रही है, ईंधन पर निर्भरता घट रही है और क्षेत्र में जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
यह पहल उन क्षेत्रों में भी निर्बाध सिंचाई सुनिश्चित करती है जहां बिजली की आपूर्ति भरोसेमंद नहीं है। इससे छोटे और सीमांत किसान सालभर में कई फसलें उगा पा रहे हैं। परिणामस्वरूप किसानों को बेहतर उत्पादन, ईंधन खर्च में कमी और आय में वृद्धि का लाभ मिल रहा है।
साथ ही, इन सौर सिंचाई प्रणालियों से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है—हर पंप से प्रतिवर्ष लगभग 1.5 टन तक उत्सर्जन घटने का अनुमान है।
जागरूकता सत्रों और सामुदायिक प्रशिक्षण के बाद स्थानीय किसानों ने इस बदलाव को सकारात्मक रूप से अपनाया है। एक लाभार्थी किसान ने कहा, “अब हमें डीज़ल या बिजली कटौती की चिंता नहीं रहती। हम अपनी जरूरत के अनुसार खेती कर सकते हैं।”
एसीसी का यह प्रयास नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने की उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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