नौकरी ढूंढने वाले नहीं,रोजगार देने वाले बनें युवा-श्री नवीन,डीएम
•राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय,जमुई में दो दिवसीय 'TEJAS' कार्यशाला एवं हैकाथॉन 2026 का भव्य शुभारंभ; DM ने किया दीप प्रज्वलित
राकेश कुमार सिंह/रांची एक्सप्रेस
जमुई ब्यूरो(बिहार)।भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के 'स्टार्टअप इंडिया' कार्यक्रम के तहत जिला उद्योग केंद्र और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय(GEC),जमुई के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को दो दिवसीय 'TEJAS' कार्यशाला एवं TEJAS Hackathon 2026 का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला अधिकार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस अवसर पर अपर समाहर्ता,जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता,महाविद्यालय के प्राचार्य,विभिन्न शिक्षाविद् और IIT-NIT समेत देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
•तकनीक व नवाचार से समस्याओं का निकालें समाधान
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला अधिकारी ने युवाओं से अपनी सोच का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा,"वर्तमान समय में युवा सिर्फ नौकरी पाने तक अपनी आकांक्षाएं सीमित न रखें।अपनी तकनीकी दक्षता,नवाचार और उद्यमिता के जरिए खुद का स्टार्टअप शुरू करें और दूसरों को रोजगार दें।" डीएम ने जोर देकर कहा कि युवाओं में ऊर्जा और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है,बस जरूरत इस बात की है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल स्थानीय स्तर की व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में करें।उन्होंने छात्रों को असफलता से न घबराकर निरंतर सीखते रहने और सुधार करने का संदेश दिया।
•वाटर बजेटिंग और सतत सिंचाई तकनीक पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंचाई प्रमंडल जमुई के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं।तकनीक के माध्यम से किसानों की समस्याओं को सुलझाने और दफ्तरों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।उन्होंने कहा कि पीने का पानी सीमित है,इसलिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है जिससे सिंचाई के लिए सतत जल उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने वाटर बजेटिंग पर काम करने की आवश्यकता जताते हुए छात्रों को हर संभव तकनीकी मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया।
•बड़ा फैसला:विकास योजनाओं की गुणवत्ता जांचेगा GEC जमुई
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जिला प्रशासन और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के बीच अकादमिक-प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने का निर्णय रहा।अब जिले में चल रही विभिन्न निर्माण एवं विकास योजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए GEC जमुई की आधुनिक लैब और तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
•आत्मनिर्भर बिहार की ओर एक अहम कदम•
यह दो दिवसीय आयोजन युवाओं को विचार से लेकर स्टार्टअप की स्थापना तक का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।जिला प्रशासन की यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' तथा 'विकसित भारत@2047' के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप जमुई को नवाचार और स्वरोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।






