चैनपुर में विकास के दावों पर कांग्रेस का सवाल, बिट्टू पाठक ने विधायक को घेरा
गांवों के दौरे में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य व सिंचाई की समस्याएं गिनाईं, कहा- चुनाव बाद ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं:- बिट्टू पाठक
मेदिनीनगर। डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के चैनपुर प्रखंड में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया पर निशाना साधा है। झारखंड कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव सह पूर्व जिलाध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने शुक्रवार को प्रखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ग्रामीण समस्याओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।
बिट्टू पाठक ने रामपुर, कटवल, बोकेया, पतरिया खुर्द, पथरा, मझगवां, महुगावां और ओडणार गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सिंचाई की समस्याएं सामने आईं। ग्रामीणों ने बताया कि कई आवश्यक सुविधाओं के लिए उन्हें अब भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी का माहौल है।
पैतृक क्षेत्र की स्थिति पर उठाए सवाल
ग्रामीणों की समस्याओं के बाद बिट्टू पाठक ने विधायक आलोक चौरसिया के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चैनपुर उनका पैतृक प्रखंड है। इसके बावजूद यहां के कई गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक के अपने प्रखंड के गांवों की यह स्थिति है तो विधानसभा क्षेत्र के दूसरे प्रखंडों और गांवों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सड़क, पानी, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन समस्याओं को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा तथा समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों को दिया भरोसा
दौरे में कांग्रेस शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण सिंह, शमीम अहमद राईन, शैलेश चंद्रवंशी, अजय साहू, गिरजा राम और विद्या सिंह चेरो समेत अन्य नेता मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागों तक मामला पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग की।






