दुर्गा पूजा को लेकर बैरिया चौक पर अतिक्रमण हटाने की पहल, दुकानदारों को पीछे कराया गया
ट्रैफिक प्रभारी रूद्रानंद सरस ने संभाली कमान, श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर अभियान तेज
मेदिनीनगर। दुर्गा पूजा को लेकर मेदिनीनगर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर प्रशासन की ओर से शहर के प्रमुख पूजा स्थलों और आसपास के क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गुरुवार को बैरिया चौक पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे लगाए गए सब्जी के ठेले और कुछ दुकानों को पीछे कराया गया।
मेदिनीनगर के ट्रैफिक प्रभारी रूद्रानंद सरस दुर्गा पूजा के मद्देनजर पिछले कई दिनों से शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और प्रमुख चौक-चौराहों को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर सक्रिय हैं। इसी अभियान के तहत बैरिया चौक पर सड़क और सार्वजनिक स्थान को घेरकर दुकान लगाने वाले लोगों को समझाया गया तथा दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं को अपनी दुकानें निर्धारित सीमा के अंदर पीछे करने को कहा गया।
ट्रैफिक प्रभारी ने दुकानदारों से अपील की कि वे सड़क पर दुकान या सामान नहीं फैलाएं, ताकि आम लोगों और वाहनों के आवागमन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है। ऐसे में सड़कों और पूजा स्थलों के आसपास अतिक्रमण रहने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर के प्रमुख पूजा पंडालों और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किए जाने वाले स्थलों के आसपास पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। श्रद्धालु परिवार के साथ आसानी से पूजा पंडालों तक पहुंच सकें और बिना किसी परेशानी के मां भगवती का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकें।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर के अन्य प्रमुख चौक-चौराहों और पूजा स्थलों के आसपास भी अतिक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक स्थानों पर दुकानदारों को सड़क से पीछे रहने और यातायात में बाधा नहीं डालने की हिदायत दी जा रही है।
दुर्गा पूजा को लेकर शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिले तथा पूजा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था व्यवस्थित बनी रहे।





