BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

पहले पुलिस प्रशासन अपने चाल-चरित्र और कार्यशैली में सुधार करे, फिर जनप्रतिनिधियों से आचार संहिता की अपेक्षा : झारखंड क्रांति मंच


जयराम महतो प्रकरण पर जेकेएम का सवाल—पुलिस बने पब्लिक फ्रेंडली, अधिकारियों की जवाबदेही भी हो तय

मेदिनीनगर, 27 अगस्त। झारखंड क्रांति मंच (जेकेएम) एवं मजदूर किसान कामगार यूनियन (एमकेकेयू) ने विधायक जयराम महतो से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। संगठन के नेताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन को पहले अपने चाल, चरित्र और चिंतन में सुधार कर पब्लिक फ्रेंडली बनने की जरूरत है। इसके बाद ही जनप्रतिनिधियों से आदर्श आचार संहिता के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जानी चाहिए।

मेदिनीनगर में संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह मजदूर किसान कामगार यूनियन झारखंड के सचिव एवं प्रवक्ता शत्रुघ्न कुमार शत्रु, एमकेकेयू के केंद्रीय अध्यक्ष सह जेकेएम उपाध्यक्ष गिरिजा प्रसाद विश्वकर्मा, जेकेएम के केंद्रीय सचिव सह कार्यालय प्रभारी विजय राम तथा मजदूर किसान कामगार यूनियन के केंद्रीय कार्यालय सचिव नारायण सत्यार्थी ने पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठाए।

शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से चयनित होकर सेवा में आने वाले कुछ पुलिस अधिकारियों की भाषा एवं कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने अपने पुराने अनुभव का उल्लेख करते हुए वर्ष 2002 में पाटन थाना क्षेत्र में उनके साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना का भी जिक्र किया।