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सारठ प्रखंड नाजिर पर गबन का आरोप, रोकड़ पंजी और NR की जांच में मिले बड़े अंतर


■ पालोजोरी में भी ₹2.36 लाख हेराफेरी का लगा है आरोप, जांच शुरू होते ही नाजिर कार्यालय से नदारद

रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

सारठ (देवघर) : सारठ प्रखंड कार्यालय में तैनात नाजिर शंभू शरण श्रीवास्तव पर सरकारी राशि गबन का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने नजारत की रोकड़ पंजी और NR में गलत इंट्री कर लाखों की हेराफेरी की है।

सूत्रों के अनुसार नाजिर शंभू शरण श्रीवास्तव पूर्व में पालोजोरी प्रखंड में भी नाजिर के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान पालोजोरी के तत्कालीन BDO पार्थ नंदन ने उन पर ₹2,36,766 की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की थी। इसकी जानकारी सारठ BDO सीके सिंह को भी विधिवत दी गई है।

पालोजोरी में मामला सामने आने के बाद BDO चंदन कुमार सिंह ने सारठ प्रखंड की रोकड़ पंजी और NR का मिलान करने का निर्देश दिया है। जांच शुरू होते ही प्रखंड नाजिर शंभू शरण श्रीवास्तव पिछले दो दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं:- 
■ NR नंबर 1587918 की मूल कॉपी में 40 हजार जमा दिख रहा है, जबकि डुप्लीकेट कॉपी में सिर्फ 50 रुपए दर्ज है।  
■ NR नंबर 1587764 और 1587765 में मूल कॉपी में 30-30 हजार दर्ज है, लेकिन कार्बन कॉपी में 50-50 रुपए ही लिखा है।  
सूत्रों का दावा है कि जांच में अब तक करीब 01 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आ चुकी है।

आरोप यह भी है कि प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास के कुछ लाभुकों से आवास नहीं बनाने पर वसूली गई राशि को नजारत में जमा करने के दौरान करीब 03 लाख रुपए की हेराफेरी की गई है।

BDO सी.के. सिंह ने कहा कि अभी जांच चल रही है। रोकड़ पंजी और सभी NR का मिलान पूरा होने के बाद ही गड़बड़ी की सही राशि स्पष्ट होगी और उसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बहरहाल, सारठ में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।