सारठ प्रखंड नाजिर पर लाखों की हेराफेरी का आरोप, पालोजोरी में भी 2.36 लाख के गबन का नोटिस
■ बीडीओ बोले - विस्तृत जांच के बाद होगी कार्रवाई, 12.5% ब्याज के साथ राशि जमा करने का निर्देश
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
सारठ (देवघर) : प्रखंड कार्यालय में नाजिर के पद पर पदस्थापित शंभू शरण श्रीवास्तव पर लाखों रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब शंभू शरण श्रीवास्तव पालोजोरी प्रखंड में नाजिर थे, तब उनके द्वारा 2,36,766 रुपये की हेराफेरी की शिकायत मिली थी। इस संबंध में पालोजोरी बीडीओ ने पत्रांक 547, दिनांक 18 जुलाई को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि नाजिर रहते हुए शंभू शरण श्रीवास्तव ने मनरेगा रोकड़ पंजी में विभिन्न तिथियों में मनरेगा दंड शुल्क के रूप में NR के माध्यम से प्राप्त 2,36,766 रुपये दर्ज किए। लेकिन सामान्य रोकड़ पंजी में उसका विवरण अंकित नहीं किया गया।
संदेह होने पर जब राशि का मिलान बैंकों से किया गया तो पता चला कि उक्त राशि बीडीओ के किसी भी बैंक खाते में जमा नहीं की गई है।
बीडीओ ने नाजिर को अपना पक्ष रखने और 12.5 प्रतिशत ब्याज के साथ गबन की गई राशि को अविलंब संबंधित बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर मामले की सूचना देवघर उपायुक्त को भेजने की बात कही गई है।
सूत्रों के अनुसार सारठ प्रखंड के झिलुवा पंचायत में पीएम आवास के एक लाभुक से रिकवरी की गई 40 हजार रुपये की राशि नाजरत रोकड़ पंजी में केवल 50 रुपये* ही जमा दिखाई गई है। जबकि लाभुक को 40 हजार की रसीद दी गई है।
इसी तरह दुमदुमी और अन्य पंचायतों में अबुआ आवास के लाभुकों से 30-30 हजार रुपये की रिकवरी की गई, लेकिन उसका इंद्राज रोकड़ पंजी में नहीं किया गया।
इस संबंध में सारठ बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने बताया कि पालोजोरी प्रखंड से राशि हेरफेर का नोटिस मिला है। सारठ में भी सरकारी राशि के गबन की शिकायतें मिल रही हैं। पूरे मामले की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुट गया है।





