श्रावणी मेला 2026: झारखण्ड-बिहार का इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन मजबूत, व्हाट्सएप पर 24x7 जुड़ेंगे अधिकारी.
श्रावणी मेला 2026: झारखण्ड-बिहार का 'इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन' मजबूत, व्हाट्सएप पर 24x7 जुड़ेंगे अधिकारी.
■ वीआईपी पूजा और डबल डेकर काँवरिया वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध.
अमित कुमार
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो,
देवघर : राजकीय श्रावणी मेला- 2026 को सुगम और सुरक्षित बनाने को लेकर शनिवार 04 जुलाई को देवघर परिसदन में झारखण्ड-बिहार इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार ने की।
आयुक्त ने कहा कि बैठक का उद्देश्य सुल्तानगंज से देवघर तक के कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा देना है। इसके लिए सभी जिलों को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे मेला क्षेत्र में होल्डिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां बिजली, पानी, शौचालय, स्वास्थ्य और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।
इस बार व्हाट्सएप ग्रुप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए दोनों राज्यों के अधिकारी 24x7 जुड़े रहेंगे, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई हो सके। भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर के साथ समन्वय कर कांवरिया मार्ग की पल-पल की जानकारी साझा की जाएगी। खोए हुए बच्चों और बुजुर्गों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
सुरक्षा को लेकर बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए:
1. वीआईपी/आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूर्ण रोक: मेले के दौरान किसी को भी विशेष पूजा की अनुमति नहीं मिलेगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो।
2. डबल डेकर वाहनों पर बैन: सुरक्षा कारणों से डबल डेकर काँवरिया वाहन का देवघर सीमा में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सीमावर्ती जिले इसमे सहयोग करेंगे।
3. वाहनों की छत पर प्रतिबंध: बिहार से आने वाले किसी भी वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठने की अनुमति नहीं होगी।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानियां ने बताया कि रविवार-सोमवार को भीड़ बढ़ने पर कुमैठा तक कतार की संभावना है। इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए टेंट सिटी और होल्डिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। दुमका के उपायुक्त ने बासुकीनाथ मेला की तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में आईजी भागलपुर, डीआईजी भागलपुर व दुमका, भागलपुर, बांका, मुंगेर, गोड्डा, देवघर, दुमका, जमुई के डीएम और एसपी, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





