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हजारीबाग में प्रिंस खान गिरोह से जुड़े संदिग्ध के साथ पुलिस मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार


हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रिंस खान गिरोह से जुड़े एक संदिग्ध के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। बड़कागांव थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस हिरासत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस ने तलाशी और जांच अभियान तेज कर दिया।

13 माइल इलाके में हुई कार्रवाई

रिपोर्टों के मुताबिक, मामला बड़कागांव थाना क्षेत्र के 13 माइल ट्रांसपोर्टिंग रोड से जुड़ा है। यह इलाका कोयला परिवहन गतिविधियों के कारण पुलिस की निगरानी में रहने वाले क्षेत्रों में शामिल है।

पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में सूचना मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इसी क्रम में पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश और पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

पूछताछ के दौरान भागने की कोशिश का दावा

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एक संदिग्ध के मोबाइल फोन से प्रिंस खान गिरोह से संपर्क होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद जब हथियारों की बरामदगी के लिए टीम संदिग्ध को एक स्थान पर लेकर गई, तभी उसने पुलिसकर्मियों से बचकर भागने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संदिग्ध ने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे काबू में लेकर अस्पताल भेजा गया।

पहले के गोलीकांड से भी जोड़ा जा रहा मामला

पुलिस जांच में इस मामले को बड़कागांव के 13 माइल इलाके में हुए एक पुराने गोलीकांड से भी जोड़े जाने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, कोयला परिवहन से जुड़े वाहनों को निशाना बनाकर फायरिंग की घटना हुई थी और घटनास्थल से प्रिंस खान गिरोह के नाम का पर्चा मिलने की बात कही गई थी।

हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।

हथियार और विस्फोटक बरामदगी की जांच

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध की निशानदेही पर हथियार और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कथित रूप से फायरिंग की स्थिति बनी और पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

मामले में बरामद सामग्री, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध का गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ किस स्तर का संपर्क था और क्या वह पहले की आपराधिक घटनाओं में भी शामिल रहा है।

अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश भी तेज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ से मिले सुराग के आधार पर हजारीबाग और रामगढ़ जिले से दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों के बीच किस तरह का नेटवर्क था और कोयला क्षेत्र में हुई कथित आपराधिक गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही।

कोयला क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी

घटना के बाद बड़कागांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गतिविधियां बढ़ाई गई हैं। खासकर ट्रांसपोर्टिंग रूट और ऐसे स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है जहां अपराधियों के छिपने की आशंका हो सकती है।

पुलिस की कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों और वाहन चालकों को कथित रंगदारी या हिंसक घटनाओं से सुरक्षा देना भी बताया जा रहा है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल घायल संदिग्ध का अस्पताल में इलाज कराया गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मोबाइल फोन, कथित हथियारों और पुराने मामलों से जुड़े साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। किसी आरोपी की आपराधिक भूमिका अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होती है और दोष सिद्ध होने तक उसे कानूनी रूप से निर्दोष माना जाता है।

निष्कर्ष:
हजारीबाग के बड़कागांव इलाके में हुई इस पुलिस कार्रवाई ने कोयला क्षेत्र में सक्रिय कथित आपराधिक नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी है। एक संदिग्ध के घायल होने और गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके संपर्कों, हथियारों तथा पूर्व की घटनाओं में संभावित भूमिका की पड़ताल कर रही है।