कोल्हान विश्वविद्यालय में "शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता" विषय पर आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन
चाईबासा, 2 जुलाई 2026।
कोल्हान विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को अकादमिक ब्लॉक-सी, गैलरी-8 में "शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: सीखने, करियर एवं नवाचार का भविष्य" विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री विजय सिंह, मैनेजर (कंटेंट स्ट्रेटेजी एंड डेवलपमेंट), मास्टरकार्ड रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कुलसचिव सह निदेशक, IQAC डॉ. रंजीत कुमार कर्ण, मानविकी संकाय के डीन डॉ. तपन के. खन्नराह, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ. परशुराम सियाल, विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मुख्य वक्ता के शॉल एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मान के साथ किया गया। स्वागत भाषण एवं अतिथि परिचय डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने प्रस्तुत किया। उन्होंने श्री विजय सिंह के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन तथा नवाचार के क्षेत्र में योगदान से उपस्थितजनों को अवगत कराया।
अपने व्याख्यान में श्री विजय सिंह ने शिक्षा, शोध, रोजगार तथा नवाचार के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बदलती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि AI किस प्रकार शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, कार्यस्थल की आवश्यकताओं तथा भविष्य के करियर अवसरों को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से नई तकनीकों को जिम्मेदारी एवं नैतिकता के साथ अपनाने तथा भविष्य के अनुरूप कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि "कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहते हुए उनका सकारात्मक एवं उत्तरदायी उपयोग करना चाहिए। इस प्रकार के व्याख्यान विश्वविद्यालय में ज्ञान-विस्तार, नवाचार और अंतर्विषयक शिक्षण को नई दिशा प्रदान करते हैं।" उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. नितीश कुमार महतो ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनीता कुमारी ने प्रस्तुत किया।
इस व्याख्यान में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों सहित कुल 85 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नवीन ज्ञान, भविष्य की संभावनाओं तथा नवाचार की दिशा में प्रतिभागियों को प्रेरित किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं अंतर्विषयक शिक्षण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।





