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एमएमडीआर कानून के विरोध पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार, सरकार पर लगाया अवैध वसूली का आरोप


उदय किशोर सिंह,

जामताड़ा। झारखंड सरकार और उसके सहयोगी दलों द्वारा एमएमडीआर (MMDR) कानून के विरोध को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर कानून केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लागू हो चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार और उसके सहयोगी दल इसका विरोध कर रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के विधायक और सांसद एमएमडीआर कानून के प्रावधानों से पूरी तरह परिचित हैं, लेकिन कानून लागू होने के बाद खनिज संपदा से कथित तौर पर की जाने वाली अवैध उगाही पर रोक लगेगी। इसी वजह से सरकार और उसके सहयोगी दल इसका विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान झारखंड सरकार आज तक न तो खनिज संपदा की उचित नीलामी कर सकी है और न ही पत्थर खदानों की नीलामी की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खनिज संपदा से पैसा लूटने के नए-नए उपाय तलाश रही है।
मरांडी ने कहा कि एमएमडीआर कानून लागू होने से खनिज संसाधनों के दोहन और नीलामी की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी तथा अवैध वसूली पर अंकुश लगेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण कानून का विरोध किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि एमएमडीआर कानून के लागू होने से किसी को भी खनिज संपदा की मनमानी लूट की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर खनिज संसाधनों के मामले में जनता के हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।