बाबूलाल के आरोपों पर इरफान का पलटवार, बोले— मेरी पाठशाला में आकर नामांकन कराएं।
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान आदिवासी मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप को लेकर जामताड़ा में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा विधायक दल के नेता सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखा पलटवार किया है।
डॉ. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत होती है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता राजनीतिक लाभ लेने के लिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री ने अपने चुटीले अंदाज में बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा, “बाबूलाल जी, अगर आपको इन मुद्दों की सही जानकारी नहीं है तो मेरी पाठशाला में आकर नामांकन कराएं।” उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को पहले पूरे मामले की जानकारी लेनी चाहिए और उसके बाद बयान देना चाहिए।
इरफान अंसारी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने या जुड़ने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होती है। किसी भी गड़बड़ी की शिकायत होने पर संबंधित स्तर पर जांच की जा सकती है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इस बयान के बाद जामताड़ा की राजनीति में SIR और मतदाता सूची का मुद्दा और गरमा गया है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।






