झारखंड के खनिज संसाधStruggle for rights over Jharkhands mineral resources; sit-in protests at district headquarters on August 27.नों पर हक की लड़ाई, 27 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर धरना
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
गिरिडीह: झारखंड की स्थापना इस उम्मीद के साथ हुई थी कि राज्य के खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों का लाभ यहां की जनता को मिलेगा। लेकिन आज केंद्र सरकार राज्य की प्राकृतिक संपदा का लाभ छीन रही है। यह बात कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष सह प्रदेश सचिव धनंजय कुमार सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच संस्थाओं से संबंधित किसी भी नई व्यवस्था में झारखंड के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। खनिज से मिलने वाली अतिरिक्त राशि केवल बजट का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसका उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं, विस्थापित परिवारों तथा आदिवासी-मूलवासी समुदायों के विकास में किया जाता है। धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के अनुसार खनिज विकास एवं नियम संशोधन विधेयक 2026 में आवश्यक संशोधन नहीं किए गए तो इस वर्ष झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी इसी मुद्दे को लेकर 27 अगस्त को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी। वहीं 7 सितंबर को प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य और यहां की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी






