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पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर 3 दिवसीय कार्यशाला आज से भोपाल में


मप्रः पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर 3 दिवसीय कार्यशाला आज से भोपाल में

भोपाल,  मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में “महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना” के अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा: पुलिस की भूमिका एवं रणनीति विषय पर आज गुरुवार से तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि भोपाल के होटल पलाश रेसिडेंसी में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पर्यटन स्थलों पर महिला पर्यटकों की सुरक्षा, सहजता और विश्वास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में गृह, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन बोर्ड, पर्यटन निगम और विभिन्न विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पर्यटन बोर्ड द्वारा लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं। इसी क्रम में महिला पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना, पुलिस समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं भविष्य में भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे मध्य प्रदेश को सुरक्षित पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान को और मजबूती मिलेगी।

प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि कार्यशाला में पहले दिन पर्यटन विभाग द्वारा समुदाय आधारित पर्यटन और महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं पुलिस विभाग महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और रणनीतियों पर चर्चा करेगा। समूह कार्यों के माध्यम से धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, पुरातात्विक स्थलों, वन क्षेत्रों, विशेष आयोजनों, साहसिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और साइबर धोखाधड़ी जैसे विषयों पर मंथन होगा।

कार्यशाला में दूसरे दिन 27 फरवरी को समूह कार्यों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर एक्शन प्लान और पॉलिसी एडवोकेसी पर चर्चा की जाएगी। साथ ही खारी, भोजपुर, भीमबेठिका, वन विहार और भोपाल के आसपास के पर्यटन स्थलों का क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। कार्यशाला में 28 फरवरी को कई राज्यों और देशों के केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान, यूएन-विमेन की प्रस्तुति, जेंडर संवेदनशीलता, सामुदायिक पुलिसिंग और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होगा। कार्यशाला का समापन स्मृति चिह्न वितरण के साथ किया जाएगा।