मुंगेर। जिले में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभावित टीबी मरीजों की एक्स-रे जांच की धीमी रफ्तार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सितंबर की समीक्षा में कई प्रखंडों में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम जांच होने की बात सामने आई। इसके बाद छह प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 1 से 22 सितंबर के दौरान प्रखंड स्तर पर किए गए एक्स-रे जांच कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में संभावित टीबी मरीजों की जांच अपेक्षित संख्या तक नहीं पहुंच सकी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टीबी की पहचान के लिए समय पर जांच महत्वपूर्ण है। ऐसे में जांच की धीमी गति को विभाग ने गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगने का निर्णय लिया। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में सदर, बरियारपुर, हवेली खड़गपुर, संग्रामपुर, टेटियाबंबर और असरगंज शामिल हैं। इन क्षेत्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों तथा स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने संबंधित अधिकारियों को काम की रफ्तार बढ़ाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध एक्स-रे मशीनों का प्रदर्शन ही सवालों के घेरे में नहीं आया, बल्कि मोबाइल एक्स-रे मशीन से होने वाली जांच के आंकड़े भी कई जगह लक्ष्य से पीछे रहे। मोबाइल वैन के जरिए सदर प्रखंड में लगभग 23 प्रतिशत, धरहरा में 42 प्रतिशत, असरगंज में 49 प्रतिशत, हवेली खड़गपुर में 61 प्रतिशत और टेटियाबंबर में करीब 63 प्रतिशत संभावित मरीजों की एक्स-रे जांच पूरी होने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध मशीनों से भी कई जगह अपेक्षित स्तर की जांच नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार बरियारपुर में करीब 81 प्रतिशत, हवेली खड़गपुर में 73 प्रतिशत, संग्रामपुर में 58 प्रतिशत और टेटियाबंबर में लगभग 68 प्रतिशत संभावित मरीजों की जांच हुई। इन आंकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है और जांच अभियान में तेजी लाने को कहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभावित मरीजों की पहचान और समय पर जांच पर विशेष जोर दिया जाता है। संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग के दौरान एक्स-रे जांच बीमारी की पहचान की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। यदि संभावित मरीजों की जांच समय पर नहीं होती है, तो बीमारी की पहचान और आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग चाहता है कि जांच के लिए चिन्हित लोगों तक सुविधा नियमित रूप से पहुंचे। सिविल सर्जन ने संबंधित प्रखंडों के अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार करने और जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आने वाली समीक्षा में यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसी अवधि में मुंगेर की स्वास्थ्य व्यवस्था की अलग-अलग स्तरों पर समीक्षा हो रही है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य केंद्र से आई केंद्रीय टीम ने सदर अस्पताल का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, रोग निगरानी और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति भी देखी थी। टीम ने एंटी-रेबीज और एंटी-वेनम की उपलब्धता की भी समीक्षा की। वहीं, जिले में एक्स-रे जांच की सुविधा को मजबूत करने के लिए हाल में 10 एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे आने वाले समय में जांच व्यवस्था की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। छह प्रखंडों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की नजर आने वाले दिनों के प्रदर्शन पर रहेगी। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि संभावित टीबी मरीजों की पहचान और जांच की प्रक्रिया को तेज किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो। निष्कर्ष: कॉपीराइट संबंधी नोट: यह समाचार स्वतंत्र शब्दों, नए वाक्य-विन्यास और अलग प्रस्तुति शैली में तैयार किया गया है। किसी स्रोत की खबर को लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। हालांकि मूल समाचार की फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स या अन्य मीडिया सामग्री के अधिकार अलग हो सकते हैं।1 से 22 सितंबर तक के आंकड़ों की समीक्षा
छह प्रखंडों के अधिकारियों से मांगा गया जवाब
मोबाइल एक्स-रे वैन की स्थिति भी चिंता का विषय
प्रखंड स्तर की मशीनों से भी कम जांच
टीबी की पहचान में एक्स-रे जांच क्यों अहम?
अधिकारियों को सुधार का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग में अन्य स्तर पर भी निगरानी
अब विभाग की नजर अगले प्रदर्शन पर
मुंगेर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कम एक्स-रे जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। छह प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों से जवाब मांगा गया है। विभाग ने जांच की गति बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।
मुंगेर में कम एक्स-रे जांच पर छह प्रखंडों के स्वास्थ्य अधिकारियों से जवाब-तलब, सिविल सर्जन ने जताई नाराजगी






