पूर्णिया। जिले में लंबे समय से लंबित वित्तीय मामलों के निपटारे को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत आयोजित विशेष शिविर में करीब 450 नीलाम पत्र वादों का निष्पादन किया गया और इन मामलों से संबंधित लगभग 7.85 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबित नीलाम पत्र मामलों को तेजी से निपटाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में दो दिवसीय विशेष समीक्षा सह मिलान शिविर आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासन, संबंधित विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पुराने मामलों का जल्द निस्तारण करना था। इस अभियान में बड़ी संख्या में लंबित मामलों से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। प्रशासन का फोकस ऐसे मामलों पर रहा, जिनमें लंबे समय से बकाया राशि की वसूली लंबित थी। अभियान के दौरान जिले के 43 नीलाम पत्र पदाधिकारियों को संबंधित अभिलेखों के साथ शिविर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार कुल 14,866 नीलाम पत्र वादों से संबंधित रिकॉर्ड सामने रखे गए, जिनमें करीब 233.99 करोड़ रुपये की राशि जुड़ी हुई थी। इन मामलों के दस्तावेजों की जांच और बैंक रिकॉर्ड से मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि किन मामलों का निपटारा हो चुका है और किन मामलों में अभी राशि बाकी है। शिविर में जिले के नीलाम पत्र पदाधिकारियों के साथ बैंक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार 31 बैंकों के शाखा प्रबंधक और बैंक समन्वयक बैठक में शामिल हुए। प्रशासन का उद्देश्य बैंक और जिला स्तर के रिकॉर्ड में मौजूद अंतर को दूर करना तथा लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना था। विशेष अभियान के दौरान निष्पादित किए गए करीब 450 मामलों से लगभग 7.85 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली की गई। प्रशासन के लिए यह लंबित वित्तीय मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर सामने आया है। इससे पहले भी पूर्णिया में नीलाम पत्र मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। अगस्त 2026 में करीब 350 मामलों के निष्पादन के साथ 4.90 करोड़ रुपये की वसूली की रिपोर्ट सामने आई थी। जिला प्रशासन ने शेष लंबित मामलों को भी जल्द निपटाने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की कोशिश है कि जिन मामलों में कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो सकती है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाए। पूर्णिया प्रशासन ने सितंबर में भी लंबित नीलाम पत्र मामलों को लेकर कार्रवाई तेज की थी। एक मामले में वारंट के आधार पर बनमनखी पुलिस ने संबंधित देनदार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित राशि जमा किए जाने के बाद उसे सशर्त जमानत मिली थी। प्रशासन ने बकाया मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई जारी रखने की बात कही थी। नीलाम पत्र की प्रक्रिया आम तौर पर ऐसी बकाया सरकारी या अन्य सार्वजनिक मांगों की वसूली से जुड़ी होती है, जिनकी वसूली निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है। ऐसे मामलों में नोटिस, रिकॉर्ड की जांच, भुगतान और जरूरत पड़ने पर वारंट जैसी कार्रवाई भी नियमानुसार हो सकती है। कुल मिलाकर, पूर्णिया में आयोजित विशेष शिविर के जरिए लंबित वित्तीय मामलों को तेजी से निपटाने की कोशिश की गई है। करीब 450 मामलों के निष्पादन और 7.85 करोड़ रुपये की वसूली के बाद अब प्रशासन का ध्यान बाकी लंबित मामलों को भी जल्द से जल्द निपटाने पर है।दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन
14,866 नीलाम पत्र वादों का रिकॉर्ड
31 बैंकों के अधिकारी भी रहे मौजूद
7.85 करोड़ रुपये की वसूली
बाकी मामलों पर भी कार्रवाई जारी
पहले से सख्त है प्रशासन का रुख
क्या है नीलाम पत्र मामला?
पूर्णिया में 7.85 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली, 450 नीलाम पत्र मामलों का निष्पादन






