BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

कोयल नदी हादसे से मर्माहत JMM जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, शोकाकुल परिवारों से मिलकर बंधाया ढांढस


राजेंद्र सिन्हा ने कहा कि बच्चों को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जिन लोगों ने अपने जिगर के टुकड़ों को खोया है, उनके दुःख की भरपाई संभव नहीं 

पलामू :  चैनपुर प्रखंड के बोकिया पतरिया गांव में कोयल नदी में करम डाली पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। नदी में डूबने से पांच बच्चों की मौत की घटना ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद गांव के कई घरों में मातम पसरा हुआ है।

घटना की जानकारी के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के पलामू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा शोकाकुल परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने मृत बच्चों के माता-पिता एवं परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों की पीड़ा देखकर माहौल बेहद भावुक हो गया।

राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि अपने बच्चों को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जिन परिवारों ने अपने जिगर के टुकड़ों को खोया है, उनके दुःख की भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी घटना से मर्माहत हैं और सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा उनके साथ खड़ा है।

हादसे में पांच बच्चों के नदी में डूबने की जानकारी है। इनमें चार बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं और उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया
JMM जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस विपदा की घड़ी में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों के साथ हैं तथा जरूरत के अनुसार हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।
मौके पर केंद्रीय समिति सदस्य सन्नू सिद्दीकी, जिला संगठन सचिव अखलेश सिंह, युवा मोर्चा के अरविंद चौधरी, बबलू चौधरी, ललन चौधरी, सिद्धार्थ पांडे, अरुण कुमार चौधरी एवं रामजी चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बोकिया पतरिया में हादसे के बाद परिवारों की खुशियां गम में बदल गई हैं। जिन घरों में बच्चों की चहल-पहल और खिलखिलाहट गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है।