करांजी जलाशय का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने किया निरीक्षण 12 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा, करांजी के रैयतों ने आयोग के समक्ष रखा दर्द
संवाददाता विकास कुमार
बेड़ो: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्पेशल रैपोर्टियर सुचित्रा सिन्हा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने शुक्रवार को पदाधिकारियों की टीम के साथ प्रखंड के करांजी जलाशय का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने जलाशय की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया, वहीं रैयतों से मिलकर मुआवजे के संबंध में जानकारी ली और पुनर्वास की स्थिति के बारे में पूछा। टीम ने जलाशय स्थल पर जाकर वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया और किसानों से जलाशय के उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। तत्पश्चात पंचायत सचिवालय में मुखिया और ग्राम प्रधान की उपस्थिति में जलाशय में जमीन गंवा चुके रैयतों से बातचीत की गई। रैयतों ने बताया कि 2013 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा 6 एकड़ 56 डिसमिल जमीन पर जलाशय का निर्माण किया गया था, लेकिन अब तक रैयतों को जमीन की मुआवजा राशि नहीं मिली है और न ही पुनर्वास के लिए कोई कदम उठाया गया है। वहीं भू-अर्जन विभाग ने बताया कि अधिग्रहित जमीन के एवज में वर्तमान दर से लगभग 2 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि का आवंटन हो गया है, जिसका भुगतान जल्द किया जाएगा। मौके पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया राज हंस, केके राजन सिंह, बेड़ो सीओ राजकुंवर सिंह, सीआई संतोष कुजूर, लघु सिंचाई विभाग के महेश, कार्यालय सहायक विजय और जनसंपर्क पदाधिकारी श्रिचा वर्मा मौजूद थे।





