ए.के.सिंह कॉलेज जपला में डॉ. दाभोलकर की पुण्यतिथि पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन
हुसैनाबाद:कृष्णा यादव
हुसैनाबाद:महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के 13वें स्मृति दिवस (राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस) के अवसर पर ए.के. सिंह कॉलेज, जपला में एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।सेमिनार का विषय अंधविश्वास के खिलाफ जंग में आम जन की भूमिका था। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. राम सुभग सिंह ने की।कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें छात्राओं की संख्या अधिक रही। मंच का संचालन जंतु विज्ञान के प्राध्यापक प्रो. राहुल कुमार सिंह ने किया।
विद्यार्थियों में मिथिलेश यादव, रिंकी कुमारी, प्रीति कुमारी, सोनू कुमार, अनन्या सिंह, राजनंदिनी कुमारी, रजिया तबस्सुम, प्रदीप कुमार, सूरज कुमार और राकेश कुमार ने अंधविश्वास को मिटाने के लिए संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हुसैनाबाद के सुप्रसिद्ध साहित्यकार और इतिहासकार डॉ. अंगद किशोर मौजूद थे। उन्होंने अंधविश्वास विरोधी अपनी कविताओं के माध्यम से समां बांध दिया। विद्यार्थियों ने भी उनके सुर में सुर मिलाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया।मुख्य वक्ता और अध्यक्ष डॉ. राम सुभग सिंह ने कहा अंधविश्वास एक है, पर इसके रूप हजारों हैं। ईश्वर, आत्मा, पुनर्जन्म, अवतार, पैगंबर, भूत-प्रेत, डायन, ओझा, चमत्कार, फलित ज्योतिष, वास्तु शास्त्र इत्यादि सभी विज्ञान की कसौटी पर अंधविश्वास ही हैं। हमें वैज्ञानिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी अपनाना होगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मतलब है कि बिना अनुभव, तर्क और प्रमाण के किसी भी घटना को सत्य ना मानना। अंधविश्वास से बचने का एकमात्र यही रास्ता है।
उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध, चार्वाक, कबीर, अंबेडकर, राहुल सांकृत्यायन, अब्राहम टी. कोवूर, श्याम मानव और नरेंद्र दाभोलकर के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। डॉ. नरेंद्र दाभोलकर से प्रेरणा प्राप्त कर अंधविश्वास का समूल उच्छेद करें।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सूर्यमणि सिंह ने किया।
मौके पर प्रो. शशि भूषण सिंह, प्रो. मुकेश सिंह, प्रो. राजेश कुमार सिंह, डॉ. शिवकुमार विश्वकर्मा, डॉ. आलोक रंजन कुमार, प्रो. रेखा सिंह, ओम प्रकाश सिंह, विवेक कुमार, निखिल सिंह, प्रिंस सिंह, मनीष सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, प्रवीण सिंह सहित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी उपस्थित थे।





