प्रभात मेहता हत्याकांड पर उठे सवाल, सीपीआई सचिव ने सीबीआई जांच की मांग की
परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, पुलिस जांच के बीच कई बिंदुओं पर स्पष्टता की जरूरत
पलामू : पाटन थाना क्षेत्र के चर्चित प्रभात कुमार मेहता अपहरण एवं हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पलामू जिला सचिव सह पूर्व विधायक प्रत्याशी रुचिर कुमार तिवारी ने मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने की मांग करते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है। परिजनों और मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
प्रभात मेहता के अपहरण के बाद उनका शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी भी की है। उपलब्ध पुलिस जांच के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी राहुल कुमार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरे आरोपी धर्मेंद्र कुमार को हरियाणा से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक अनुसंधान में आपसी रंजिश को हत्या की वजह बताया गया था।
हालांकि, अब मामले की जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच परिजनों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया गया है। एसआईटी का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी एवं हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला कर रहे हैं। टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
बताया गया है कि जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। एसआईटी द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन की जांच किए जाने की बात सामने आई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और घटनाक्रम की भी पड़ताल की जा रही है।
इधर, पुलिस की ओर से मामले में पहले ही विशेष टीम गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने जांच टीम को मामले से जुड़े सभी तथ्यों की सूक्ष्मता से जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
प्रभात मेहता हत्याकांड को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना की पूरी कड़ी क्या थी और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या रही। परिजन चाहते हैं कि जांच किसी भी दबाव से मुक्त होकर हो और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए। इसी को लेकर सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है।
फिलहाल पुलिस की एसआईटी जांच के साथ-साथ मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हत्याकांड की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।





