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Steamhouse India की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, 414 करोड़ रुपये के IPO के बाद 17% प्रीमियम पर लिस्टिंग


मुंबई: औद्योगिक उपयोग के लिए स्टीम और नाइट्रोजन सप्लाई करने वाली कंपनी Steamhouse India Limited ने शेयर बाजार में अपनी शुरुआत कर दी है। कंपनी के ₹414 करोड़ के IPO के बाद उसके शेयर 17 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर सूचीबद्ध हुए। NSE पर कंपनी के शेयर IPO के ऊपरी इश्यू प्राइस ₹81 के मुकाबले करीब 17% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए।

₹414 करोड़ का था IPO

Steamhouse India के IPO का कुल आकार ₹414 करोड़ था। इसमें ₹353 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹61 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। OFS के तहत प्रमोटर Vishal Sanwarprasad Budhia ने अपने शेयरों का एक हिस्सा पेश किया।

कंपनी ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹77 से ₹81 का प्राइस बैंड तय किया था। एक लॉट में 185 शेयर थे और ऊपरी मूल्य पर खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश करीब ₹14,985 बनता था।

IPO को कैसी मिली प्रतिक्रिया?

IPO के लिए बोली प्रक्रिया 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक चली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इश्यू को कुल मिलाकर 6.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें QIB हिस्से को करीब 1.67 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 10.9 गुना और रिटेल हिस्से को 7.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

कंपनी ने IPO से पहले एंकर निवेशकों से भी करीब ₹124.2 करोड़ जुटाए थे। एंकर बुक में छह निवेशकों ने हिस्सा लिया था और शेयर ₹81 के ऊपरी प्राइस बैंड पर आवंटित किए गए थे।

IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी के मौजूदा कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किया जाना है। उपलब्ध IPO दस्तावेजों के अनुसार करीब ₹180 करोड़ कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट के लिए निर्धारित किए गए हैं।

इसके अलावा कंपनी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए करीब ₹75.95 करोड़ और नई स्टीम-जनरेशन मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने के लिए लगभग ₹38.17 करोड़ खर्च करने की योजना रखती है।

Steamhouse India का कारोबार क्या है?

Steamhouse India मुख्य रूप से औद्योगिक ग्राहकों को स्टीम और नाइट्रोजन उपलब्ध कराने का काम करती है। कंपनी केंद्रीकृत utility model के जरिए dedicated pipeline infrastructure का इस्तेमाल करती है, जिससे औद्योगिक इकाइयों तक स्टीम की आपूर्ति की जाती है।

कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा है। इसके ग्राहकों में केमिकल, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, पेपर और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने विभिन्न औद्योगिक क्लस्टरों में 45 किलोमीटर से ज्यादा स्टीम पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया है।

कंपनी की विस्तार योजना

IPO से जुटाई जाने वाली पूंजी का इस्तेमाल केवल कर्ज घटाने के लिए नहीं, बल्कि कारोबार विस्तार के लिए भी किया जाना है। कंपनी अंकलेश्वर और पनोली जैसी मौजूदा सुविधाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ Dahej SEZ में नई स्टीम-जनरेशन सुविधा स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

इसके अलावा कंपनी waste-to-energy और waste-to-steam जैसे क्षेत्रों में भी अपनी गतिविधियां बढ़ा रही है। गुजरात के Vapi में कंपनी ने waste-to-steam boiler से जुड़ी परियोजना शुरू की है और अहमदाबाद नगर निगम से 5 MW waste-to-steam परियोजना भी हासिल की है।

वित्तीय प्रदर्शन

कंपनी के IPO से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में Steamhouse India की कुल आय करीब ₹494.97 करोड़ रही, जबकि रिपोर्टेड मुनाफा लगभग ₹38.64 करोड़ दर्ज किया गया।

कंपनी के लिए कर्ज में कमी और नई क्षमता का विस्तार महत्वपूर्ण है, क्योंकि IPO से मिलने वाली पूंजी का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

आज की लिस्टिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

Steamhouse India की लिस्टिंग ऐसे समय हुई है जब IPO बाजार में नए इश्यू और निवेशकों की भागीदारी लगातार चर्चा में है। कंपनी के शेयरों का IPO मूल्य ₹81 था और NSE पर करीब 17% प्रीमियम के साथ शुरुआत ने बाजार में शुरुआती मांग को दर्शाया। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए शुरुआती प्रीमियम को कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।

कंपनी के आगे के प्रदर्शन पर कर्ज में कमी, नई परियोजनाओं का क्रियान्वयन, औद्योगिक ग्राहकों की मांग और विस्तार योजनाओं की सफलता जैसे कारकों का असर रहेगा।