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करमा पर्व की रात फूल लेने तालाब में उतरे व्यक्ति की मौत, बोकारो में पसरा मातम


बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र से करमा पर्व के बीच एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ओरदाना पंचायत के केंदुवाडीह गांव में तालाब से फूल निकालने गए 61 वर्षीय लालचंद महतो की पानी में डूबने से मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक, करमा पर्व की रात करीब 11 बजे लालचंद महतो घर के पास स्थित तालाब में शालू का फूल लाने के लिए गए थे। बताया गया कि वह तालाब की मेड़ पर अपने कपड़े रखकर पानी में उतरे और फूल निकालने लगे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

रातभर घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश

जब काफी देर तक लालचंद महतो वापस घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। अगले दिन सुबह परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

तालाब के किनारे उनके कपड़े मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तालाब में खोजबीन शुरू की और कुछ देर की तलाश के बाद उनका शव पानी से बरामद किया गया।

पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया

घटना की सूचना मिलने पर पेटरवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, तेनुघाट भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

लालचंद महतो की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। रिपोर्ट के अनुसार वह परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी आशा देवी, पुत्रवधू और एक पोता हैं। उनकी पांच बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।

परिजनों के अनुसार, उनके बेटे राहुल कुमार महतो की पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। ऐसे में लालचंद महतो के निधन से परिवार पर भावनात्मक दुख के साथ आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।

हर साल फूल लाने की बात सामने आई

परिवार वालों ने बताया कि लालचंद महतो करमा पर्व के दौरान हर साल इसी तालाब से शालू का फूल लाया करते थे। इस बार भी वह इसी परंपरा के तहत रात में फूल लेने तालाब पहुंचे थे, लेकिन यह उनका आखिरी सफर साबित हुआ।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जलस्रोतों के पास सावधानी जरूरी

करमा जैसे पर्वों के दौरान पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री या फूल लेने के लिए लोग अक्सर तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों के पास जाते हैं। बारिश के मौसम में ऐसे जलस्रोतों में पानी की गहराई और फिसलन का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।

ऐसे में रात के समय अकेले तालाब या नदी में उतरने से बचना और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पेटरवार के केंदुवाडीह गांव में हुए इस हादसे के बाद परिवार और ग्रामीणों में शोक है। करमा पर्व की खुशियों के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।