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देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं ठप्प


• 05 दिवसीय बैंकिंग की मांग पर अड़े बैंकर्स

• सरकार को दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

दुमका/देवघर : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार, 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल के तहत संताल परगना प्रमंडल के सभी जिलों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से ठप्प रहीं।

संथाल परगना के सभी जिलों में भारतीय स्टेट बैंक समेत अन्य सभी बैंकों के सामने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर पूरे संताल परगना में व्यापक रूप से देखा गया 

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस में शामिल AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC सहित सात संगठनों के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी एकजुट हुए। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए बैनर पर चार सूत्री मांगें साफ लिखी थीं - Honour Commitment - Implement 5 Days Banking, Withdraw Govt's Unilateral PLI Scheme, Modify Scheme Through Bilateral Discussion और Resolve Residual Issues।

बैंककर्मियों की सबसे बड़ी मांग 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तुरंत लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते और ज्वाइंट नोट में सरकार और IBA ने पांच दिन बैंकिंग पर लिखित सहमति दी थी, लेकिन दो साल से अधिक बीत जाने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

दूसरी प्रमुख मांग केंद्र सरकार की प्रस्तावित PLI यानी Performance Linked Incentive योजना को वापस लेने की है। प्रदर्शनकारियों ने इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताया। उनका आरोप है कि इससे अलग-अलग कैडर के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असमानता और टकराव पैदा होगा। यूनियन ने मांग की कि PLI को लागू करने से पहले रोक लगाई जाए और द्विपक्षीय वार्ता के जरिए इसमें जरूरी संशोधन किया जाए।

इसके अलावा प्रदर्शन में पेंशन सुधार और पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान DA फॉर्मूला लागू करने और NPS में भर्ती कर्मचारियों को OPS में आने का एक बार विकल्प देने जैसी लंबे समय से लंबित मांगों को भी जोरदार तरीके से उठाया गया।

इस दौरान UFBU के संयोजक मुन्ना कुमार झा ने कहा कि बैंक कर्मचारी किसी के विरोध में नहीं, बल्कि न्यायसंगत, समान और सम्मानजनक व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर यूनियनों के साथ सार्थक वार्ता करनी चाहिए।

कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यह सिर्फ सांकेतिक हड़ताल है। उनके बैज पर आगे की रणनीति लिखी थी - मांगें नहीं मानी गईं तो 28 से 30 सितंबर 2026 तक लगातार तीन दिन की हड़ताल और 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे त्योहारी सीजन में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप्प हो सकती हैं।