• कांवरिया वेश में आए युवकों ने शिवगंगा में पी शराब
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
दुमका : फौजदारी बाबा बासुकीनाथ धाम की पवित्रता सोमवार को उस वक्त तार-तार हो गई, जब कांवरिया वेश में आए कुछ युवकों ने आस्था के सबसे बड़े केंद्र शिवगंगा को मयखाना बना दिया।
पवित्र शिवगंगा में स्नान के दौरान शराब पीने और हुड़दंग मचाने की इस घटना से वहां मौजूद सच्चे शिवभक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार दोपहर कांवरिया के वेश में आए कुछ युवक शिवगंगा में स्नान करने उतरे। लेकिन कुछ ही देर में उनका आचरण मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ गया। वे सरोवर के जल में खड़े होकर खुलेआम शराब की बोतलें निकालकर पीने लगे। नशे में धुत होकर वे जोर-जोर से शोर मचाने लगे और मोबाइल से सेल्फी व वीडियो बनाने लगे।
जिस शिवगंगा में भक्त बाबा बासुकीनाथ के जलाभिषेक से पहले आस्था की डुबकी लगाते हैं, उसी पवित्र जल में इस तरह का अमर्यादित कृत्य देखकर पूजा करने आए अन्य श्रद्धालु शर्मसार हो गए। महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सावन और भादो माह में अक्सर ऐसे तथाकथित श्रद्धालु आते हैं जो भक्ति के नाम पर नशाखोरी और हुड़दंग करते हैं। शिवगंगा घाट और आसपास के क्षेत्रों में गांजा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन आम होता जा रहा है।
स्थिति बिगड़ती देख अंततः स्थानीय दुकानदारों और पुरोहितों ने विरोध किया और उन युवकों को फटकार लगाकर शिवगंगा से बाहर निकाला। तब जाकर हंगामा शांत हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर बासुकीनाथ धाम की सुरक्षा और पवित्रता को लेकर प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धाम परिसर और शिवगंगा घाट पर पुलिस की नियमित गश्ती नहीं होती, न ही सीसीटीवी से निगरानी की जाती है।
सच्चे शिवभक्तों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए। धाम परिसर में शराब और नशीले पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध को कड़ाई से लागू किया जाए, ताकि बासुकीनाथ धाम की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे।







