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धनबाद में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा, 3 की मौत; कई लोगों के दबे होने की आशंका


धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुम्हारपट्टी में रविवार, 13 सितंबर की सुबह करीब सात बजे अचानक खदान की चाल धंस गई। हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी।

कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, कुछ महिला और पुरुष बंद परियोजना क्षेत्र की सुरंगों में कोयला निकालने या चुनने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान जमीन और मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गया। सुरंग में मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों में तीन लोगों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने की बात सामने आई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में मुनिया देवी और धनंजय कुमार की पहचान की गई थी, जबकि तीसरे मृतक की पहचान को लेकर शुरुआती समय में स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

कई लोगों के फंसे होने की आशंका

हादसे के तत्काल बाद स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि खदान के अंदर और भी लोग मौजूद हो सकते हैं। इसी वजह से मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में फंसे लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं थी

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि हादसे के दौरान घायल हुए लोगों को स्थानीय अस्पताल या नर्सिंग होम में ले जाया गया। एक महिला के पैर में गंभीर चोट लगने की जानकारी भी सामने आई।

अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने धनबाद में अवैध कोयला उत्खनन से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लोग सुरंगों से कोयला निकालकर उसे आसपास के इलाकों में बेचते हैं। ऐसी असुरक्षित सुरंगों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण मिट्टी और चट्टान धंसने का खतरा बना रहता है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और अवैध खनन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

हादसे के बाद बंद खदानों और अवैध खनन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद प्रशासन और बीसीसीएल की टीमों ने ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा चेतावनी और खदानों की घेराबंदी/ट्रेंचिंग जैसे कदम शुरू किए।

नोट: हादसे के शुरुआती घंटों में मृतकों और मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई थीं। इसलिए प्रकाशित जानकारी में जहां आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, वहां उसे आशंका या स्थानीय सूचना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।