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हंसडीहा नवोदय में 28वीं युवा संसद, सांसद नलिन सोरेन ने छात्रों की प्रतिभा को सराहा


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

दुमका/गोड्डा : पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय हंसडीहा में आयोजित 28वें युवा संसद कार्यक्रम में लोकतंत्र की सशक्त तस्वीर उभरकर सामने आई। संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं नवोदय विद्यालय समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने संसद की कार्यवाही का ऐसा जीवंत मंचन किया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

*55 छात्रों ने निभाई सांसद-मंत्री की भूमिका*

युवा संसद में विद्यालय के 55 छात्र-छात्राओं ने सांसद, मंत्री, विपक्षी नेता एवं सभापति की भूमिका निभाते हुए प्रश्नकाल, जनहित के मुद्दों पर चर्चा, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तर्कपूर्ण बहस तथा संसदीय प्रक्रियाओं का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति, तार्किक सोच, विषयों पर गहरी पकड़ और संसदीय मर्यादाओं के पालन ने उपस्थित अतिथियों को प्रभावित किया।

*मुख्य अतिथि रहे सांसद नलिन सोरेन*

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद नलिन सोरेन और हंसडीहा पंचायत की मुखिया आशा हेंब्रम थीं।
इस अवसर पर सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, जेएनवी बांका के प्रधानाचार्य संजय पांडेय, प्रबुद्ध नागरिक टिंकू जी, प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

*सांसद ने कहा - लोकतंत्र समझने का सशक्त मंच*

मुख्य अतिथि सांसद नलिन सोरेन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि युवा संसद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र को समझने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच है।
वहीं मुखिया आशा हेंब्रम ने कहा कि छात्रों ने जिस अनुशासन, गंभीरता और आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। बांका पीएम श्री नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, भाषा-कौशल और प्रभावशाली प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए उन्हें देश का भावी नेतृत्व बताया।

*शिक्षकों का रहा अहम योगदान*

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आलोक कुमार (पीजीटी इतिहास), एस.एम. झा (टीजीटी सामाजिक विज्ञान) एवं आर.के. दास (पीजीटी अंग्रेजी) ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं एम.के. चौधरी (पीजीटी भूगोल) एवं वैभव कुमार (पीजीटी अर्थशास्त्र) ने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उल्लेखनीय योगदान दिया। मंच संचालन पी.के. चौधरी (टीजीटी अंग्रेजी) ने प्रभावशाली ढंग से किया।