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दुमका का मजदूर मुंबई में लापता, परिवार की बढ़ी चिंता, प्रशासन से तलाश में मदद की अपील


दुमका। झारखंड के दुमका जिले से मुंबई काम करने गया एक मजदूर अचानक लापता हो गया है। काफी समय बीतने के बाद भी जब परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले में मदद करते हुए लापता मजदूर की तलाश कराने की गुहार लगाई है।

काम की तलाश में गया था मुंबई

परिजनों के मुताबिक मजदूर रोजगार के सिलसिले में मुंबई गया था। वह वहां काम कर रहा था और परिवार के साथ संपर्क में भी रहता था। अचानक उससे संपर्क टूटने के बाद परिजनों ने अपने स्तर से उसकी जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।

लगातार संपर्क नहीं होने के कारण परिवार के लोगों की चिंता बढ़ती गई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और मुंबई में उसकी तलाश कराने का आग्रह किया।

परिवार को किसी अनहोनी की आशंका

मजदूर के अचानक गायब होने से उसके घर में बेचैनी का माहौल है। परिजन लगातार उसके वापस लौटने या उसकी कोई जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि अगर मजदूर के बारे में किसी व्यक्ति को कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस या परिवार को सूचित करे।

लंबी दूरी और दूसरे राज्य में होने के कारण परिवार के लिए खुद जाकर हर जगह तलाश करना भी आसान नहीं है। इसी वजह से परिजन प्रशासन और पुलिस से सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस में लापता लोगों की तलाश के लिए व्यवस्था

मुंबई पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसका Missing Persons Bureau देश के किसी भी हिस्से से लापता हुए लोगों के मामलों में परिजनों की मदद करता है। पुलिस के मुताबिक ऐसे मामलों में लापता व्यक्ति का विवरण और तस्वीर संबंधित पुलिस इकाइयों तक पहुंचाने, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य संभावित स्थानों पर जांच करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

ऐसे मामलों में परिवार के पास उपलब्ध फोटो, पहचान संबंधी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, काम की जगह और अंतिम बार संपर्क की जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

दुमका में मजदूर के परिजन अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय कर उसकी तलाश तेज की जाएगी। परिवार की प्राथमिकता फिलहाल किसी भी तरह मजदूर का पता लगाना और उसके सुरक्षित होने की जानकारी हासिल करना है।

पुलिस जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा सकता है कि मजदूर आखिरी बार कहां देखा गया था, उसका मोबाइल कब और कहां तक सक्रिय था तथा वह किस स्थान पर काम करता था।

फिलहाल परिवार को उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है और मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार जरूरी है।