संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर माताओं ने रखा निर्जला जिउतिया व्रत
राँची एक्सप्रेस संवाददाता बेंगाबाद
संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना को लेकर बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र में लोक आस्था का महापर्व जिउतिया शनिवार को श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अहले सुबह से ही गांव-गांव में व्रतधारी महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जिउतिया व्रत की कथा का श्रवण किया। पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा। महिलाओं ने शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ पर्व की शुरुआत की थी। इसके बाद शनिवार को पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर माताओं ने संतान की कुशलता और दीर्घायु के लिए भगवान जीउतवाहन की पूजा-अर्चना की। रविवार को पारण के साथ व्रत का समापन होगा। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक जिउतिया व्रत रखने से संतान पर आने वाले संकट टलते हैं और उन्हें दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिउतिया पर्व का एक महत्वपूर्ण पक्ष इसके पारंपरिक व्यंजन भी हैं। पारण को लेकर घरों में मड़ुआ (रागी) की रोटी, नोनी का साग, सतपुतिया की सब्जी, पोय साग की पकौड़ी, कंदे व अरवी की तरकारी, कोहड़े की सब्जी और खीरे का रायता सहित कई देशज पकवान तैयार किए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के अनुसार बदलते मौसम में ये पारंपरिक व्यंजन पौष्टिक होने के साथ आसानी से पचने वाले भी होते हैं। पर्व के कारण बाजारों में भी इन साग-सब्जियों की मांग बढ़ गई है। वहीं, बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी की महिलाओं और बच्चों को जिउतिया व्रत की कथा, धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों की जानकारी दी। इस दौरान लोक परंपरा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
फोटो।






